नदी में उतराता रहा शव, सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस

लखनऊ। सूबे में सत्तारूढ़ अखिलेश यादव सरकार प्रदेश कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए लाख जतन कर ले लेकिन यह पुलिस है कि मानती ही नहीं। आये दिन किसी न किसी कारनामे के चलते सुर्ख़ियों में बनी रहती है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जहाँ एक युवक सुबह-सुबह गोमती नदी के किनारे टहल रहा था उसे नदी में एक शव उतराता हुआ दिखाई दिया। उसने इसकी जानकारी निशातगंज पुलिस चौकी पर दी। आरोप है कि निशातगंज पुलिस चौकी से एक सिपाही आया और शव को निकालने के बजाय आगे बहने के लिए धकेल दिया। उसके बाद शव बहता हुआ पेपर मिल कालोनी के पास पहुँच गया। यहाँ पर किसी ने शव को देखा तो उसने पेपर मिल कालोनी पुलिस चौकी को इसकी जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो लेकिन वह भी शव को नदी से बाहर निकलवाने के बजाय दूसरी पुलिस चौकी का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। उसके बाद इसकी जानकारी पुलिस के आला अफसरों को दी गई। एएसपी ट्रांस गोमती ने जब फटकार लगाई तो गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया गया। लेकिन यहाँ भी पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। पुलिस ने शव के गले में रस्सी बांधकर बाहर निकलवाया। जबकि शव के कमर में रस्सी बाँधने का प्रावधान है।



नदी में शव को बहते हुए देखने वाले तकिया निशातगंज निवासी अकील अख्तर का कहना है कि वह गुरूवार सुबह मोर्निग वॉक पर निकले थे। सुबह दस बजे के आस-पास गोमती नदी के आस-पास नदी के किनारे टहल रहे थे। तभी उन्हें नदी में एक शव उतराता हुआ दिखा। उन्होंने इसकी जानकारी निशातगंज पुलिस को दी। आरोप है कि निशातगंज पुलिस का एक सिपाही आया और शव को निकालने के बजाय उसे बहने के लिए आगे बढ़ा दिया। पेपर मिल कालोनी के पास फिर किसी ने शव को नदी में तैरता हुआ देखा और उन्होंने इसकी जानकारी पेपर मिल कालोनी पुलिस चौकी को दी। उसके बाद चौकी से पुलिस तो आई लेकिन दूसरी पुलिस चौकी का मामला बताकर पल्ला झाड़ने लगी। उधर लोगों की भीड़ बढ़ती गई। किसी ने इसकी जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को फ़ोन के माध्यम से दी। एएसपी ट्रांस गोमती जय प्रकाश ने जब फटकार लगाई। तो कई घंटो के बाद शव को नदी से बाहर निकल गया। शव को नदी से बाहर निकालने के लिए मृतक के गले में गोताखोरों ने रस्सी बाँध कर उसे बाहर खींचा। जबकि रस्सी पेट या फिर कमर में बाँधने का प्रावधान है।




मृतक की उम्र करीब 38 वर्ष बताई जा रही है। शरीर पर नीले रंग की जींस और बेल्ट थी। सिर के अगले हिस्से में बाल नहीं हैं। बायीं कलाई पर चमड़े के पट्टे वाली घड़ी बंधी थी। चेहरे, कंधे, सीने व पेट पर चोट के निशान भी थे। पुलिस को मृतक के शरीर पर गोली के निशान भी मिलें हैं। पुलिस इस बात का अंदाजा लगा रही है कि मृतक की हत्या कर उसे गोमती नदी में फेक दिया गया है। वहां पर मौजूद लोगों के बीच यह अफवाह फैली है कि मृतक को सड़क के बीचों-बीच गोली मारी गई और उसके बाद उसे नदी में फेंक दिया गया है। लोगों का यह भी कहना है कि शव के हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए थे। जबकि एएसपी ट्रांस गोमती का कहना है कि मृतक के हाथ, पैर रस्सी से नहीं बंधे हुए थे। पुलिस अनुमान लगा रही है कि युवक की लाश करीब तीन से चार दिन पुरानी है।

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