शहीदों के आश्रितों को CM कर रहे सम्मा​नित और बाबू बिना घूस के नही बढ़ा रहे फाइलें

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शहीदों के आश्रितों को CM कर रहे सम्मा​नित और बाबू बिना घूस के नही बढ़ा रहे फाइलें

Police Smriti Diwas Family Member Of Martyr Policemen Not Found Job

लखनऊ। राजधानी के महानगर इलाके में स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस में एक तरफ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर उन्हे सरकार की तरफ से हर संभव मिलने का आश्वासन दे रहे थे। वहीं दूसरी तरफ अपन फर्ज निभाते हुए प्राणों की आहूति देने वाले जवानों के परिजन अपनी पीड़ा बयां कर रहे थे। उनका कहना है कि पहले तो सरकार उनके आंसू पोछते हुए सभी प्रकार की मदद देने की बात करती है, लेकिन जैसे ही मामला पुराना हो जाता है तो उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं रहता है।

बता दें कि डायल—100 में तैनात दारोगा ओपी सिंह यादव की दो साल पहले ड्यूटी के दौरान उन्नाव में मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने उनकी बेटी विनीता को नौकरी और असाधारण पेंशन दिलाने का प्रस्ताव दिया। उस वक्त तो अधिकारियों से लेकर सरकार तक ने उन्हे मदद का आश्वासन दिया, लेकिन अब उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। विनीता के मुताबिक उनके फाइल बाबूओं की टेबल पर धूल खा रही है। वो जहां भी जाती हैं तो घूस की फरमाईश कर दी जाती है। उनका कहना है परिवार की मालीय हालत बहुत ही खराब है, ऐसे में घूस देने के लिए उनके पास पैसे नहीं है, जिसके चलते उनका कोई काम आगे नहीं बढ़ रहा है।

विनीता का कहना है कि एक तरफ तो सिपाही की गोली से हुई मौत के बाद एक निजी कंपनी कर्मी की पत्नी को सरकार ने पंद्रह दिन के अंदर पद सृजित करके ओएसडी का पद दे दिया, साथ ही पूरे परिवार को लाखों रूपए की मदद भी की, वहीं दूसरी तरफ अपनी ड्यूटी हुए अपनी जान देने वाले हमारे पिता के बारे में वो कुछ भी नहीं सोंच रही है। ओपी सिंह यादव के परिवार ने सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

बता दें कि पहले मृतक आश्रितों को ​बिना लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के ही नौकरी दे दी जाती थी, लेकिन दो माह पहले सरकार ने इस मामले मे नई नियमावली बना दी है। अब आश्रितों को भी सामान्य भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

बता दें कि उत्तर प्रदेश मे मृतक आश्रित में दारोगा की नौकरी पाने वाले कुल 850 लोग जबकि सिपाही एक हजार से ज्यादा है। इनमें ज्यादातर लोगों की फाइलें बाबूओं की टेबल पर फंसी हुई हैं। विनीता की तरह पुलिस स्मृति दिवस दिवस में आए ज्यादातर परिजनों का कहना था, कि बिना घूस दिए कोई काम नहीं हो रहा है, जिसके चलते इनती बड़ी मात्रा में लोग नौकरी मिलने का रास्ता देख रहे हैं।

उन्नाव में चिपके मिले सरकार विरोध पर्चे

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उन्नाव में चिपके मिले सरकार विरोध पर्चे

पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित पुलिस ने लाइन पुलिसकर्मियों के लिए किए सरकार के कामों का बखान कर रहे ​थे, वहीं उन्नाव में सरकार विरोधी पोस्टर चिपकाए जा रहे थे। किसी ने इन पर्चों की फोटों खींचकर डीजीपी ओपी सिंह को भेजी तो वो हरकत में आए। उन्होने तुरन्त एसपी को ये पर्चे हटवाने के आदेश दिए। यहां लगाए गए पोस्टरों में ये स्लोगन में लिखे गए थे कि शांत नहीं हम मौन है, 2019 में बताएंगे हम कौन है, बार्डर स्कीम सभी के लिए समाप्त करो बिना शर्त के, पुलिस की वेतन विसंगति दूर करो, वोट उसे करेगा पुलिस परिवार जो करेगा पुलिस का संपूर्ण सुधार।

लखनऊ। राजधानी के महानगर इलाके में स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस में एक तरफ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर उन्हे सरकार की तरफ से हर संभव मिलने का आश्वासन दे रहे थे। वहीं दूसरी तरफ अपन फर्ज निभाते हुए प्राणों की आहूति देने वाले जवानों के परिजन अपनी पीड़ा बयां कर रहे थे। उनका कहना है कि पहले तो सरकार उनके आंसू पोछते हुए सभी प्रकार की मदद देने की बात करती…