सोनभद्र के उभ्भा गांव जा रहे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने रोका

ajay kumar
सोनभद्र के उभ्भा गांव जा रहे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने रोका

भदोही। उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सोनभद्र के उभ्भा गांव जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक ​दिया। रोके जाने के बाद अजय कुमार और पुलिस के बीच जमकर नोकझोक हुई। इसके बाद पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को हिरासत में ले लिया है।

Police Stopped Up Congress President Ajay Kumar Lallu Going To Umbha Village In Sonbhadra :

उन्हें गोपीगंज के एक गेस्ट हाउस में रखा गया है। इसको लेकर अजय कुमार लल्लू ने कहा कि दलित-आदिवासियों पर हमला करने वाली बीजेपी सरकार उनके अधिकारों की लड़ाई से इतना डरती क्यों है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा अत्याचार का जोर-शोर से आवाज उठाती है। अब हम उभ्भा गांव के नरसंहार में मृत आदिवासियों की स्मृति में पीड़ितों से मिलने जा रहे थे।

इस पर भारी पुलिस लगाकर हमे रास्ते में रोक दिया गया, जिसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सब लोकतंत्र के खिलाफ है। यूपी सरकार हताश होकर तानाशाही पर उतर आई है। अजय कुमार लल्लू ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि हम शांति से तीन लोगों के साथ उभ्भा गांव जा रहे थे।

नरसंहार में मारे गए लोगों के घर व परिवार के लोगों के साथ दुख बांटने जा रहे हैं। हमको क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या अब प्रदेश में अभिव्यक्ति की आजादी समाप्त कर दी गई है।

 

भदोही। उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सोनभद्र के उभ्भा गांव जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक ​दिया। रोके जाने के बाद अजय कुमार और पुलिस के बीच जमकर नोकझोक हुई। इसके बाद पुलिस ने अजय कुमार लल्लू को हिरासत में ले लिया है। उन्हें गोपीगंज के एक गेस्ट हाउस में रखा गया है। इसको लेकर अजय कुमार लल्लू ने कहा कि दलित-आदिवासियों पर हमला करने वाली बीजेपी सरकार उनके अधिकारों की लड़ाई से इतना डरती क्यों है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा अत्याचार का जोर-शोर से आवाज उठाती है। अब हम उभ्भा गांव के नरसंहार में मृत आदिवासियों की स्मृति में पीड़ितों से मिलने जा रहे थे। इस पर भारी पुलिस लगाकर हमे रास्ते में रोक दिया गया, जिसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सब लोकतंत्र के खिलाफ है। यूपी सरकार हताश होकर तानाशाही पर उतर आई है। अजय कुमार लल्लू ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि हम शांति से तीन लोगों के साथ उभ्भा गांव जा रहे थे। नरसंहार में मारे गए लोगों के घर व परिवार के लोगों के साथ दुख बांटने जा रहे हैं। हमको क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या अब प्रदेश में अभिव्यक्ति की आजादी समाप्त कर दी गई है।