कोरोना संकट के बीच सियासत: कमलनाथ ने की बिजली उपभोक्ताओं के बिल माफ करने की मांग

Kamal Nath resigns
कोरोना संकट के बीच सियासत: कमलनाथ ने की बिजली उपभोक्ताओं के बिल माफ करने की मांग

भोपाल। लॉकडाउन में घरेलू उपभोक्ताओं को मिले बिजली बिल आधे करने के सरकार के फैसले पर कांग्रेस भड़क उठी है. पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सरकार के घरेलू बिजली बिल से लेकर उद्योग दुकान शोरूम रेस्तरां से फिक्स चार्ज की वसूली को टालने को नाकाफी बताया है. कमलनाथ ने खराब अर्थव्यवस्था के मद्देनजर सभी तरह के उपभोक्ताओं को छूट देते हुए उनके 3 महीने के बिजली बिल पूरी तरीके से माफ करने की मांग सरकार से की है. कमलनाथ ने प्रदेश सरकार के बिजली बिलों को लेकर लिए गए फैसले को अजीबोगरीब बताया है.

Politics Amid Corona Crisis Kamal Nath Demands To Forgive Electricity Consumers Bills :

पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा है कि सरकार ने जो फार्मूला बनाया है उससे बिजली उपभोक्ताओं को फायदा नहीं मिलेगा. ऐसे में सरकार को बिजली बिल 3 महीने के माफ करने का फैसला करना चाहिए. कमलनाथ ने कहा है कि प्रदेश के उद्योग इस बात की मांग कर रहे हैं कि लॉकडाउन की अवधि में उनके फिक्स चार्ज से लेकर न्यूनतम यूनिट चार्ज, लाइन लॉस चार्ज, विलंब चार्ज समेत दूसरे चार्ज में छूट दी जाए. यानी कि जितनी खपत उतना बिल देने की मांग उद्योग इकाइयां कर रही है. लेकिन फैसला सभी तरह के चार्ज में छूट का नहीं है. सिर्फ फिक्स चार्ज की वसूली को अभी स्थगित किया गया है. बाद में वह भरना पड़ेगा. ऐसे में औद्योगिक इकाइयों को फायदा नहीं होगा.

कमलनाथ की मांग
कमलनाथ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गरीब छोटे दुकानदार और प्रवासी मजदूरों को एकमुश्त दस हजार दिए जाएं. कमलनाथ ने सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए हैं जिसमें सरकार ने मजदूरों के पंजीयन करने और छोटे व्यवसायियों को 10 हजार तक का कर्जा बैंक से दिलवाने की बात कही है. कांग्रेस का कहना है कि इस महामारी में काम नही है, आमदनी नही है, तो कर्ज कहां से भरेंगे.

कांग्रेस का आरोप

प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर आंकड़ों की बाजीगरी करने का आरोप लगाते हुए रियायत के नाम पर कुछ नहीं देने का आरोप लगाया है. दरअसल प्रदेश सरकार ने 1 दिन पहले इसका फैसला किया है कि प्रदेश के दुकानदार छोटे-बड़े उद्योग, शोरूम, अस्पताल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, पार्लर अप्रैल से जून महीने तक के बिजली बिल पर फिक्स चार्ज फिलहाल नहीं भरेंगे. यह राशि अक्टूबर 2020 से लेकर मार्च 2021 तक 6 समान किश्तों में बिना ब्याज के जमा की जा सकेगी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को राहत देते हुए कहा था कि इससे लगभग 12 लाख बिजली उपभोक्ताओं को फायदा होगा. लेकिन कांग्रेस सरकार के फैसले को नाकाफी बता रही है और अब बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ करने की मांग कांग्रेस ने सरकार से कर यह जताने की कोशिश की है संकट काल में सरकार को बिजली उपभोक्ताओं को लेकर बड़ा फैसला लेना होगा.

भोपाल। लॉकडाउन में घरेलू उपभोक्ताओं को मिले बिजली बिल आधे करने के सरकार के फैसले पर कांग्रेस भड़क उठी है. पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सरकार के घरेलू बिजली बिल से लेकर उद्योग दुकान शोरूम रेस्तरां से फिक्स चार्ज की वसूली को टालने को नाकाफी बताया है. कमलनाथ ने खराब अर्थव्यवस्था के मद्देनजर सभी तरह के उपभोक्ताओं को छूट देते हुए उनके 3 महीने के बिजली बिल पूरी तरीके से माफ करने की मांग सरकार से की है. कमलनाथ ने प्रदेश सरकार के बिजली बिलों को लेकर लिए गए फैसले को अजीबोगरीब बताया है. पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा है कि सरकार ने जो फार्मूला बनाया है उससे बिजली उपभोक्ताओं को फायदा नहीं मिलेगा. ऐसे में सरकार को बिजली बिल 3 महीने के माफ करने का फैसला करना चाहिए. कमलनाथ ने कहा है कि प्रदेश के उद्योग इस बात की मांग कर रहे हैं कि लॉकडाउन की अवधि में उनके फिक्स चार्ज से लेकर न्यूनतम यूनिट चार्ज, लाइन लॉस चार्ज, विलंब चार्ज समेत दूसरे चार्ज में छूट दी जाए. यानी कि जितनी खपत उतना बिल देने की मांग उद्योग इकाइयां कर रही है. लेकिन फैसला सभी तरह के चार्ज में छूट का नहीं है. सिर्फ फिक्स चार्ज की वसूली को अभी स्थगित किया गया है. बाद में वह भरना पड़ेगा. ऐसे में औद्योगिक इकाइयों को फायदा नहीं होगा. कमलनाथ की मांग कमलनाथ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गरीब छोटे दुकानदार और प्रवासी मजदूरों को एकमुश्त दस हजार दिए जाएं. कमलनाथ ने सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए हैं जिसमें सरकार ने मजदूरों के पंजीयन करने और छोटे व्यवसायियों को 10 हजार तक का कर्जा बैंक से दिलवाने की बात कही है. कांग्रेस का कहना है कि इस महामारी में काम नही है, आमदनी नही है, तो कर्ज कहां से भरेंगे. कांग्रेस का आरोप प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर आंकड़ों की बाजीगरी करने का आरोप लगाते हुए रियायत के नाम पर कुछ नहीं देने का आरोप लगाया है. दरअसल प्रदेश सरकार ने 1 दिन पहले इसका फैसला किया है कि प्रदेश के दुकानदार छोटे-बड़े उद्योग, शोरूम, अस्पताल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, पार्लर अप्रैल से जून महीने तक के बिजली बिल पर फिक्स चार्ज फिलहाल नहीं भरेंगे. यह राशि अक्टूबर 2020 से लेकर मार्च 2021 तक 6 समान किश्तों में बिना ब्याज के जमा की जा सकेगी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को राहत देते हुए कहा था कि इससे लगभग 12 लाख बिजली उपभोक्ताओं को फायदा होगा. लेकिन कांग्रेस सरकार के फैसले को नाकाफी बता रही है और अब बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ करने की मांग कांग्रेस ने सरकार से कर यह जताने की कोशिश की है संकट काल में सरकार को बिजली उपभोक्ताओं को लेकर बड़ा फैसला लेना होगा.