CAA पर राजनीति : अब नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाएगी राजस्थान की गहलोत सरकार

Ashok Gehlot
राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव, केरल और पंजाब पहले ही कर चुके हैं ये काम

नई दिल्ली। राजस्थान में सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी और विपक्षी भाजपा आगामी 24 जनवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए रणनीति बना रहे हैं। माना जा रहा ​है कि इस सत्र में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) सदन में चर्चा का केंद्र बिंदु होगा। सूत्रों की मानें तो गहलोत सरकार विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है। वहीं भाजपा सीएए के समर्थन को लेकर पर अपनी रणनीति पर काम कर रही है।

Politics Continues On Caa Now Gehlot Government Of Rajasthan Will Bring Proposal Against Citizenship Law :

संसदीय मामलों के मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि शुक्रवार से शुरू हो रहे सत्र के दौरान हम सीएए के खिलाफ एक प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहे हैं। वहीं बीजेपी के सतीश पूनिया ने बताया सीएए पर अशोक गहलोत जनता को गुमराह कर रहे हैं। सीएम अशोक गहलोत सीएए पर शांति मार्च भी निकाल चुके हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी 28 जनवरी को जयपुर में छात्रों, युवाओं और किसानों के साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम, बेरोजगारी और देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर एक बैठक करेंगे।

गौरतलब है कि गैर भाजपा शासित राज्यों के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागू करने की तैयारी में है। 10 जनवरी को सीएए की अधिसूचना जारी करने के बाद सरकार अब इसे लागू किए जाने के नियम-कायदों को अंतिम रूप देने में जुटी है। असम के लिए नियम-कायदे बाकी देश से कुछ अलग हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इन नियम-कायदों को फरवरी के पहले हफ्ते में अधिसूचित किया सकता है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार असम सरकार की ओर से सीएए के लिए विशेष नियम-कायदे बनाने का सुझाव आया है। इसमें इसे तीन महीने की अवधि में पूरा करना और असम में चले एनआरसी से जोड़ना शामिल है।

नई दिल्ली। राजस्थान में सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी और विपक्षी भाजपा आगामी 24 जनवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के लिए रणनीति बना रहे हैं। माना जा रहा ​है कि इस सत्र में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) सदन में चर्चा का केंद्र बिंदु होगा। सूत्रों की मानें तो गहलोत सरकार विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है। वहीं भाजपा सीएए के समर्थन को लेकर पर अपनी रणनीति पर काम कर रही है। संसदीय मामलों के मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि शुक्रवार से शुरू हो रहे सत्र के दौरान हम सीएए के खिलाफ एक प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर रहे हैं। वहीं बीजेपी के सतीश पूनिया ने बताया सीएए पर अशोक गहलोत जनता को गुमराह कर रहे हैं। सीएम अशोक गहलोत सीएए पर शांति मार्च भी निकाल चुके हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी 28 जनवरी को जयपुर में छात्रों, युवाओं और किसानों के साथ नागरिकता संशोधन अधिनियम, बेरोजगारी और देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर एक बैठक करेंगे। गौरतलब है कि गैर भाजपा शासित राज्यों के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागू करने की तैयारी में है। 10 जनवरी को सीएए की अधिसूचना जारी करने के बाद सरकार अब इसे लागू किए जाने के नियम-कायदों को अंतिम रूप देने में जुटी है। असम के लिए नियम-कायदे बाकी देश से कुछ अलग हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इन नियम-कायदों को फरवरी के पहले हफ्ते में अधिसूचित किया सकता है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार असम सरकार की ओर से सीएए के लिए विशेष नियम-कायदे बनाने का सुझाव आया है। इसमें इसे तीन महीने की अवधि में पूरा करना और असम में चले एनआरसी से जोड़ना शामिल है।