ट्रिपल तलाक पर कांग्रेस का यू-टर्न, कहा- सरकार बनी तो खत्म कर देंगे कानून

rahul gandhi
ट्रिपल तलाक पर कांग्रेस का यू-टर्न, कहा- सरकार बनी तो खत्म कर देंगे कानून

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा ऐलान करते हुए सत्ता में आने पर तीन तलाक कानून खत्म करने की बात कही है। दिल्ली में पार्टी के अल्पसंख्यक अधिवेशन के दौरान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में सिलचर से सांसद और ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देब की ओर से यह ऐलान किया गया।

Politics Will Abolish Triple Talaq Law If Congress Comes To Power Says Rahul Gandhi :

यह कानून मोदी सरकार का एक और हथियार है, जिसका इस्तेमाल वे मुस्लिम पुरुषों को जेल में डालने के लिए और थानों में खड़े करने के लिए करते हैं। मुस्लिम महिलाओं ने इसका पुरजोर विरोध किया है और कांग्रेस भी इस कानून का विरोध करती है। यह महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं करेगा बल्कि उनके और मुस्लिम पुरुषों के बीच विभाजन पैदा करेगा।

सुष्मिता देव ने कहा कि कांग्रेस एक बार में तीन तलाक देने के खिलाफ है, लेकिन इसके खिलाफ बने का कानून का वह समर्थन नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त, 2017 को एक बार में तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित किया था। कोर्ट ने कहा था कि इस तरीके से दिए गए तलाक को कानूनी रूप से तलाक नहीं माना जाएगा। हालांकि इस फैसले में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के संबंध में कोई गाइडलाइन तय नहीं किये गए थे। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि केंद्र सरकार इस संबंध में बिल तैयार करे और संसद में उसे पास करवाकर कानून बनाए।

बता दें कि बीजेपी लगातार यह आरोप लगाती आ रही है कि कांग्रेस हमेशा से ही तीन तलाक अध्‍यादेश के खिलाफ रही है। मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक प्रथा को खत्‍म करने के लिए केंद्र सरकार की ओर लाए गए तीन तलाक विधेयक को 31 दिसंबर को राज्‍यसभा में पेश किया जाना था। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था।

इस पर 2 जनवरी, 2019 को फिर इसे राज्‍यसभा में पेश करने के लिए लाया गया. लेकिन इस पर फिर हंगामे हुआ और यह अटका रह गया। सरकार की ओर से यह विधेयक लोकसभा में पेश किया जा चुका है, जहां इसे भारी हंगामे के बाद पास कर दिया गया था। विधेयक के पक्ष में 245 जबकि विपक्ष में 11 वोट पड़े थे।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा ऐलान करते हुए सत्ता में आने पर तीन तलाक कानून खत्म करने की बात कही है। दिल्ली में पार्टी के अल्पसंख्यक अधिवेशन के दौरान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में सिलचर से सांसद और ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देब की ओर से यह ऐलान किया गया। यह कानून मोदी सरकार का एक और हथियार है, जिसका इस्तेमाल वे मुस्लिम पुरुषों को जेल में डालने के लिए और थानों में खड़े करने के लिए करते हैं। मुस्लिम महिलाओं ने इसका पुरजोर विरोध किया है और कांग्रेस भी इस कानून का विरोध करती है। यह महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं करेगा बल्कि उनके और मुस्लिम पुरुषों के बीच विभाजन पैदा करेगा। सुष्मिता देव ने कहा कि कांग्रेस एक बार में तीन तलाक देने के खिलाफ है, लेकिन इसके खिलाफ बने का कानून का वह समर्थन नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त, 2017 को एक बार में तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित किया था। कोर्ट ने कहा था कि इस तरीके से दिए गए तलाक को कानूनी रूप से तलाक नहीं माना जाएगा। हालांकि इस फैसले में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के संबंध में कोई गाइडलाइन तय नहीं किये गए थे। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि केंद्र सरकार इस संबंध में बिल तैयार करे और संसद में उसे पास करवाकर कानून बनाए। बता दें कि बीजेपी लगातार यह आरोप लगाती आ रही है कि कांग्रेस हमेशा से ही तीन तलाक अध्‍यादेश के खिलाफ रही है। मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक प्रथा को खत्‍म करने के लिए केंद्र सरकार की ओर लाए गए तीन तलाक विधेयक को 31 दिसंबर को राज्‍यसभा में पेश किया जाना था। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था। इस पर 2 जनवरी, 2019 को फिर इसे राज्‍यसभा में पेश करने के लिए लाया गया. लेकिन इस पर फिर हंगामे हुआ और यह अटका रह गया। सरकार की ओर से यह विधेयक लोकसभा में पेश किया जा चुका है, जहां इसे भारी हंगामे के बाद पास कर दिया गया था। विधेयक के पक्ष में 245 जबकि विपक्ष में 11 वोट पड़े थे।