मई से पोस्ट ऑफिस में मिलेंगी ये बड़ी सुविधाएं

पोस्ट ऑफिस,india post office
मई से पोस्ट ऑफिस में मिलेंगी ये बड़ी सुविधाएं

नई दिल्लीे। देश के करीब करोड़ों डाकघर बचत खाताधारक जल्द ही डाकघरों में भी डिजिटल बैंकिंग का फायदा उठा सकेंगे। सरकार ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से इन खातों को लिंक करने की मंजूरी दे दी है और मई से ये सारी सर्विसेज ऑनलाइन ले सकेंगे। वहीं वित्त मंत्रालय ने डाकघर बचत खातों को भी आईपीपीबी खातों के साथ लिंकिंग की अनुमति दे दी है। सूत्र के मुताबिक इस वर्ष मई से पहले चरण और सितंबर से दूसरे चरण में ऐसे खाताधारकों को आइपीपीबी से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी।

Post Office Customers Will Get Full Digital Banking Service From May :

क्या-क्या होंगे फायदे

  • पोस्ट ऑफिस में डिजिटल बैंकिंग सर्विस शुरू होने से यहां के खाताधारक अपने अकाउंट से किसी भी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  • दूसरी ओर सितंबर से पोस्ट ऑफिस में खाताधारकों को अपने आईपीपीबी खाते से सुकन्या समृद्धि, रेकरिंग डिपॉजिट, स्पीड पोस्ट जैसे प्रोडक्टस के लिए पेमेंट का ऑप्शअन मिलेगा।
  • आईपीपीबी जल्दे ही मर्चेंट्स का रजिस्ट्रेाशन शुरू करेगा, जो कि उसके कस्टमर्स का पेमेंट ऐप के जरिए कर सकेंगे।
  • आईपीपीबी जल्द ही अपना ऐप बेस्‍ड पेमेंट सिस्ट्म लाएगा। इसके जरिए ग्रॉसरी, टिकट आदि का पेमेंट हो सकेगा।
  • आईपीपीबी ग्राहक NEFT, RTGS और अन्य मनी ट्रांसफर सेवाओं को इस्तेमाल कर पाएंगे जो अन्य बैंकिंग कस्टमर्स करते हैं।
  • एक बार पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट्स आईपीपीबी से लिंक हो गए, तब सभी कस्टमर्स दूसरे बैंकों की तरह ही कैश ट्रांसफर की सभी सर्विसेज इस्तेमाल कर पाएंगे।

इस तरह से ग्राहकों तक पहुंचेगी डिजिटल सर्विस

बता दें कि इसके तहत पोस्ट मैन और ग्रामीण डाक सेवक शहरी और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट सेवा पहुंचाएंगे। 2015 में आरबीआई ने भारतीय पोस्ट को पेमेंट बैंक के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। देश के पुराने बैंक एटीएम और अन्य इंटरनेट बैंकिंग सुविधाओं के लिए पैसे चार्ज करते है, लेकिन पोस्टऑफिस पेमेंट बैंक के कस्टमर को एटीएम लेने के लिए अपने किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना होगा। इसी तरह मोबाइल अलर्ट के लिए भी बैंक कोई चार्ज नहीं लेगा। अभी ज्यादातर बैंक 25 रुपए से लेकर 50 रुपए तक एसएमएस अलर्ट के लिए चार्ज लेते हैं। इसी तरह क्वार्टरली बैलेंस मेंटेन करने के लिए भी कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा।

इस बैंक की परिकल्पना रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने की थी। माना जा रहा है कि इससे बैंकिंग सेक्टर में विविधता आएगी और अब तक बैंकिंग व्यवस्था से दूर रही जनता भी जुड़ेगी। कोई भी उपभोक्ता अपने पहचान पत्र के जरिए इससे जुड़ सकता है। इसके जरिए बैंक ख़ाता खुलवाने के झंझटों से आप बच सकते हैं और कैशलेस इकॉनमी की ओर बढ़ सकते हैं।

नई दिल्लीे। देश के करीब करोड़ों डाकघर बचत खाताधारक जल्द ही डाकघरों में भी डिजिटल बैंकिंग का फायदा उठा सकेंगे। सरकार ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) से इन खातों को लिंक करने की मंजूरी दे दी है और मई से ये सारी सर्विसेज ऑनलाइन ले सकेंगे। वहीं वित्त मंत्रालय ने डाकघर बचत खातों को भी आईपीपीबी खातों के साथ लिंकिंग की अनुमति दे दी है। सूत्र के मुताबिक इस वर्ष मई से पहले चरण और सितंबर से दूसरे चरण में ऐसे खाताधारकों को आइपीपीबी से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी।क्या-क्या होंगे फायदे
  • पोस्ट ऑफिस में डिजिटल बैंकिंग सर्विस शुरू होने से यहां के खाताधारक अपने अकाउंट से किसी भी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  • दूसरी ओर सितंबर से पोस्ट ऑफिस में खाताधारकों को अपने आईपीपीबी खाते से सुकन्या समृद्धि, रेकरिंग डिपॉजिट, स्पीड पोस्ट जैसे प्रोडक्टस के लिए पेमेंट का ऑप्शअन मिलेगा।
  • आईपीपीबी जल्दे ही मर्चेंट्स का रजिस्ट्रेाशन शुरू करेगा, जो कि उसके कस्टमर्स का पेमेंट ऐप के जरिए कर सकेंगे।
  • आईपीपीबी जल्द ही अपना ऐप बेस्‍ड पेमेंट सिस्ट्म लाएगा। इसके जरिए ग्रॉसरी, टिकट आदि का पेमेंट हो सकेगा।
  • आईपीपीबी ग्राहक NEFT, RTGS और अन्य मनी ट्रांसफर सेवाओं को इस्तेमाल कर पाएंगे जो अन्य बैंकिंग कस्टमर्स करते हैं।
  • एक बार पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट्स आईपीपीबी से लिंक हो गए, तब सभी कस्टमर्स दूसरे बैंकों की तरह ही कैश ट्रांसफर की सभी सर्विसेज इस्तेमाल कर पाएंगे।
इस तरह से ग्राहकों तक पहुंचेगी डिजिटल सर्विसबता दें कि इसके तहत पोस्ट मैन और ग्रामीण डाक सेवक शहरी और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट सेवा पहुंचाएंगे। 2015 में आरबीआई ने भारतीय पोस्ट को पेमेंट बैंक के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। देश के पुराने बैंक एटीएम और अन्य इंटरनेट बैंकिंग सुविधाओं के लिए पैसे चार्ज करते है, लेकिन पोस्टऑफिस पेमेंट बैंक के कस्टमर को एटीएम लेने के लिए अपने किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना होगा। इसी तरह मोबाइल अलर्ट के लिए भी बैंक कोई चार्ज नहीं लेगा। अभी ज्यादातर बैंक 25 रुपए से लेकर 50 रुपए तक एसएमएस अलर्ट के लिए चार्ज लेते हैं। इसी तरह क्वार्टरली बैलेंस मेंटेन करने के लिए भी कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा।इस बैंक की परिकल्पना रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने की थी। माना जा रहा है कि इससे बैंकिंग सेक्टर में विविधता आएगी और अब तक बैंकिंग व्यवस्था से दूर रही जनता भी जुड़ेगी। कोई भी उपभोक्ता अपने पहचान पत्र के जरिए इससे जुड़ सकता है। इसके जरिए बैंक ख़ाता खुलवाने के झंझटों से आप बच सकते हैं और कैशलेस इकॉनमी की ओर बढ़ सकते हैं।