जनेऊधारी पंडित राहुल गांधी के वायरल पोस्टर अमेठी में बने चर्चा का विषय 

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जनेऊधारी पंडित राहुल गांधी के वायरल पोस्टर अमेठी में बने चर्चा का विषय 

अमेठी: इंटरनेट युग के चुनावों में मुद्दों की लड़ाई को नए स्तर तक पहुंचा दिया है। जिससे हाईटेक हुई राजनीति में समर्थकों को एक नया रूप दिया है, जिन्हें राजनीतिक बोलचाल की भाषा में भक्त कहा जाता है। ये भक्त वे ही समर्थक है जो कभी अपने नेता के पीछे जिन्दाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगाया करते थे, लेकिन इंटरनेट और सोशल मीडिया ने उन्हें भीड़ से अलग एक नई पहचान बनाने का मौका दे दिया है।

भक्तों ने भी अपनी आस्था की क्षमता दिखाने के लिए नएनए हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। जिनमें सबसे प्रचलित माध्यम है सोशल मीडिया पोस्टर्स। जिनके माध्यम से भक्त अपने नेता के साथ अपनी फोटो लगाकार अपनी आस्था और समर्पण का प्रदर्शन करते हैं।

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इन दिनों अमेठी में भी सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे ही पोस्टर वॉयरल हो रहे हैं। जिनमें राहुल गांधी के भक्तों ने अपनी आस्था को एक तस्वीर के माध्यम से पेश किया है। 

जिसे राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और गुजरात चुनाव के दौरान उनकी धार्मिक पहचान को लेकर उठे सवालों पर प्रतिक्रिया स्वरूप जारी किया गया है। इन पोस्टरों में राहुल गांधी को पंडित राहुल गांधी और जनेऊधारी पंडित के रूप में स्वीकार किया गया है। सबसे रोचक बात यह है कि इन पोस्टरों में राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ भगवान शिव और ब्राह्मणों के भगवान तुल्य महर्षि परषुराम की तस्वीर भी लगाई गई है।   

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पोस्टर पर लिखा है शिव भक्त, भगवान परशुराम के वंशज जनेऊधारी पं. राहुल गांधी जी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की हार्दिक बधाई।  इन पोस्टर के साथ राहुल गांधी के भक्तों ने अपनी तस्वीर भी लगा रखी है।

चर्चा का विषय बना वायरल पोस्टर-

जहां एक तरफ इस पोस्टर में राहुल को भगवान परशुराम का वंशज बताया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ यह पोस्टर वायरल होने के बाद बीजेपी का भी कड़ा रुख दिख रहा है ।

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ये पोस्टर भी रहे चर्चा में –

विगत वर्ष में बनारस में भाजपा के केशव प्रसाद मौर्य को कृष्ण भगवान के रूप में दिखाया गया था, जबकि यूपी को द्रौपदी और अखिलेश यादव, मायावती, राहुल गांधी, आजम खां और ओवैसी को दु:शासन के रूप में यूपी की साड़ी खींचते हुए दिखलाया गया था पोस्टर के नीचे में लिखा था कि कलियुग में केशव केवल उपदेश नहीं देते बल्कि रण में भी उतरते हैं।

 

रिपोर्ट-राम मिश्रा

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अमेठी: इंटरनेट युग के चुनावों में मुद्दों की लड़ाई को नए स्तर तक पहुंचा दिया है। जिससे हाईटेक हुई राजनीति में समर्थकों को एक नया रूप दिया है, जिन्हें राजनीतिक बोलचाल की भाषा में भक्त कहा जाता है। ये भक्त वे ही समर्थक है जो कभी अपने नेता के पीछे जिन्दाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगाया करते थे, लेकिन इंटरनेट और सोशल मीडिया ने उन्हें भीड़ से अलग एक नई पहचान बनाने का मौका दे दिया है। भक्तों ने भी…
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