PM मोदी के गोद लिए गांव में लगे पोस्टर, ‘यह चौकीदारों का गांव है, चोरों का आना वर्जित’

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PM मोदी के गोद लिए गांव में लगे पोस्टर, 'यह चौकीदारों का गांव है, चोरों का आना वर्जित'

नई दिल्ली। चुनावी संग्राम में इस बार चौकीदार और चोर शब्द हर कान में गूंज रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ‘चौकीदार चोर है’ का नारा कांग्रेस के लिए ही उल्टा साबित हो रहा है।

Posters Emerge In Village Adopted By Pm Narendra Modi In Varanasi :

इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गांव ककरहिया में लगा पोस्टर चर्चा का केंद्र बना है। ग्रामीणों ने गांव में जगह-जगह एक पोस्टर लगवाया है, जिसमें लिखा है, ‘यह चौकीदारों का गांव है, यहां चोरों का आना वर्जित’।

गांव में रहने वाले बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अक्टूबर 2017 को ककहरिया गांव गोद लिया था। उनके द्वारा गांव को गोद लेने से इसका कायाकल्प हो गया है। यह देश-दुनिया में चर्चित हो गया। यहां काफी विकास भी हुआ है।

एक ग्रामीण ने बताया, ‘प्रधानमंत्री को चोर कहकर संबोधित करने वालों ने पूरे देश की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। ऐसे लोगों का हमारे गांव में कदम नहीं पड़े इसलिए ऐसे पोस्टर लगाए हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘इससे पहले जो भी सांसद व विधायक जीत कर आता था वह हमारे गांव के विकास को दरकिनार कर देता था, लेकिन मोदी ने गांव का कायाकल्प कर दिया।’

बता दें कि वाराणसी में आखिरी चरण में 19 मई को मतदान होना है। यहां पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस से अजय राय और गठबंधन शालिनी यादव उम्मीदवार हैं।

नई दिल्ली। चुनावी संग्राम में इस बार चौकीदार और चोर शब्द हर कान में गूंज रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ‘चौकीदार चोर है’ का नारा कांग्रेस के लिए ही उल्टा साबित हो रहा है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गांव ककरहिया में लगा पोस्टर चर्चा का केंद्र बना है। ग्रामीणों ने गांव में जगह-जगह एक पोस्टर लगवाया है, जिसमें लिखा है, ‘यह चौकीदारों का गांव है, यहां चोरों का आना वर्जित’। गांव में रहने वाले बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अक्टूबर 2017 को ककहरिया गांव गोद लिया था। उनके द्वारा गांव को गोद लेने से इसका कायाकल्प हो गया है। यह देश-दुनिया में चर्चित हो गया। यहां काफी विकास भी हुआ है। एक ग्रामीण ने बताया, ‘प्रधानमंत्री को चोर कहकर संबोधित करने वालों ने पूरे देश की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। ऐसे लोगों का हमारे गांव में कदम नहीं पड़े इसलिए ऐसे पोस्टर लगाए हैं।’ उन्होंने आगे कहा, 'इससे पहले जो भी सांसद व विधायक जीत कर आता था वह हमारे गांव के विकास को दरकिनार कर देता था, लेकिन मोदी ने गांव का कायाकल्प कर दिया।' बता दें कि वाराणसी में आखिरी चरण में 19 मई को मतदान होना है। यहां पीएम मोदी के खिलाफ कांग्रेस से अजय राय और गठबंधन शालिनी यादव उम्मीदवार हैं।