पोस्टमॉर्टम में सामने आई बात, मरने से पहले 14 दिन तक भूख-प्यास से तड़पती रही हथिनी

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नई दिल्ली: केरल के पलक्कड़ में विस्फोटक से भरे अनानास खाने के बाद हथिनी की मौत पर पूरे देश में आक्रोश है। हथिनी के साथ अमानवीयता पर लोगों ने न सिर्फ संवेदनाएं जताई हैं बल्कि आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाया है। बहुत से लोगों ने हथिनी के साथ ऐसी क्रूर हरकत करने वाले को फांसी की सजा देने की मांग की है। मानव बनाम अन्य प्राणी बन चुके इस मामले में अब एक और नई भयावह बात सामने आई है।

Postmortem Revealed The Elephant Was Suffering From Hunger And Thirst For 14 Days Before Dying :

हथिनी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने जो कहा है वह काफी दर्दनाक है। हथिनी मुंह में विस्फोट और जबड़े क्षतिग्रस्त होने के कारण काफी तकलीफ में तो थी ही, साथ ही अपनी मौत से पहले उसने 14 दिनों से कुछ भी नहीं खाया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि इस दौरान वह कुछ भी खा-पी नहीं सकती थी। पानी में जाने से पहले भूख-प्यास से परेशान होकर उसने गांव के कई चक्कर लगाए थे। एक अधिकारी ने बताया कि घायल होने और बहुत ज्यादा तकलीफ में होने के बाद भी उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। किसी घर को कुचला नहीं। इससे पता चलता है कि वह अच्छाइयों से भरी हुई थी।

हथिनी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि वह गर्भवती थी। उसकी मौत का प्रमुख कारण भी फेफड़ों में पानी भर जाना बताया गया। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में कहा गया कि हथिनी की मौत पानी में सांस लेने के कारण फेफड़ों में पानी भर जाने से हुई है। इसके अलावा, अन्नानास खाने से हुए विस्फोट में हथिनी का जबड़ा टूट गया था और वह कुछ भी चबा पाने में भी असमर्थ थी।

हथिनी की मौत पर सियासत
वहीं, दूसरी ओर हथिनी की मौत को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि हथिनी की मौत पलक्कड़ के मन्नारकड़ में हुई है जबकि केंद्रीय मंत्रियों समेत कई नेता दावा कर रहे हैं कि यह मलप्पुरम में हुआ। यह राज्य को बदनाम करने की कोशिश है, जिसकी कोविड-19 की रोकथाम के लिए किए गए उपायों पर चारों ओर तारीफ हो रही है।

कांग्रेस का बीजेपी पर आरोप
सीएम मौत को काफी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और वन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने भी मामले को सांप्रदायिक रंग देने पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता जानबूझकर इस मामले में गलत जानकारी फैला रहे हैं। गौरतलब है कि साइलेंट वैली जंगल में हथिनी ने पटाखा भरा हुआ अन्नानास खा लिया था। यह उसके मुंह में फट गया और एक सप्ताह बाद 27 मई को उसकी मौत हो गई।

नई दिल्ली: केरल के पलक्कड़ में विस्फोटक से भरे अनानास खाने के बाद हथिनी की मौत पर पूरे देश में आक्रोश है। हथिनी के साथ अमानवीयता पर लोगों ने न सिर्फ संवेदनाएं जताई हैं बल्कि आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाया है। बहुत से लोगों ने हथिनी के साथ ऐसी क्रूर हरकत करने वाले को फांसी की सजा देने की मांग की है। मानव बनाम अन्य प्राणी बन चुके इस मामले में अब एक और नई भयावह बात सामने आई है। हथिनी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने जो कहा है वह काफी दर्दनाक है। हथिनी मुंह में विस्फोट और जबड़े क्षतिग्रस्त होने के कारण काफी तकलीफ में तो थी ही, साथ ही अपनी मौत से पहले उसने 14 दिनों से कुछ भी नहीं खाया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि इस दौरान वह कुछ भी खा-पी नहीं सकती थी। पानी में जाने से पहले भूख-प्यास से परेशान होकर उसने गांव के कई चक्कर लगाए थे। एक अधिकारी ने बताया कि घायल होने और बहुत ज्यादा तकलीफ में होने के बाद भी उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। किसी घर को कुचला नहीं। इससे पता चलता है कि वह अच्छाइयों से भरी हुई थी। हथिनी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि वह गर्भवती थी। उसकी मौत का प्रमुख कारण भी फेफड़ों में पानी भर जाना बताया गया। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में कहा गया कि हथिनी की मौत पानी में सांस लेने के कारण फेफड़ों में पानी भर जाने से हुई है। इसके अलावा, अन्नानास खाने से हुए विस्फोट में हथिनी का जबड़ा टूट गया था और वह कुछ भी चबा पाने में भी असमर्थ थी। हथिनी की मौत पर सियासत वहीं, दूसरी ओर हथिनी की मौत को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि हथिनी की मौत पलक्कड़ के मन्नारकड़ में हुई है जबकि केंद्रीय मंत्रियों समेत कई नेता दावा कर रहे हैं कि यह मलप्पुरम में हुआ। यह राज्य को बदनाम करने की कोशिश है, जिसकी कोविड-19 की रोकथाम के लिए किए गए उपायों पर चारों ओर तारीफ हो रही है। कांग्रेस का बीजेपी पर आरोप सीएम मौत को काफी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और वन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने भी मामले को सांप्रदायिक रंग देने पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता जानबूझकर इस मामले में गलत जानकारी फैला रहे हैं। गौरतलब है कि साइलेंट वैली जंगल में हथिनी ने पटाखा भरा हुआ अन्नानास खा लिया था। यह उसके मुंह में फट गया और एक सप्ताह बाद 27 मई को उसकी मौत हो गई।