STF की जांच में पावर कार्पोरेशन की JE भर्ती की परीक्षा में धांधली की पुष्टि, विद्युत सेवा आयोग के अध्यक्ष व सचिव निलंबित

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एसटीएफ की जांच में पावर कार्पोरेशन की जेई भर्ती 2018 की परीक्षा में धांधली की पुष्टि होने के बाद विद्युत सेवा आयोग के अध्यक्ष ए.के. सक्सेना व सचिव जी.सी. द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही परीक्षा कराने वाली एजेंसी अप्टेक को ब्लैक लिस्ट कर उसके द्वारा विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए आयोजित होने वाली आगामी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही सभी परीक्षाओं के संचालन के लिए कार्यदायी संस्थाओं के पैनल को भंग कर दिया गया है।

Power Corporation President And Secretary Suspended In Je Recruitment Fraud :

एसटीएफ की जांच में जेई भर्ती परीक्षा 2018 में अनियमितताओं को शासन और पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने बेहद गंभीरता से लिया है। गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ भविष्य में भर्तियों की प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।

अध्यक्ष व सचिव के बाद कई और अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार के मुताबिक अप्टेक द्वारा आयोजित की जाने वाली अवर अभियंता, सहायक समीक्षा अधिकारी, कार्यालय सहायक व अपर निजी सचिव पद की प्रक्रियाधीन परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं।

आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख सचिव ने बताया कि जेई परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इसकी जांच एसटीएफ से कराकर दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इसके मद्देनजर एसटीएफ की रिपोर्ट आने के बाद आयोग के अध्यक्ष व सचिव को निलंबित करने का निर्णय किया गया।

एसटीएफ की जांच में पावर कार्पोरेशन की जेई भर्ती 2018 की परीक्षा में धांधली की पुष्टि होने के बाद विद्युत सेवा आयोग के अध्यक्ष ए.के. सक्सेना व सचिव जी.सी. द्विवेदी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही परीक्षा कराने वाली एजेंसी अप्टेक को ब्लैक लिस्ट कर उसके द्वारा विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए आयोजित होने वाली आगामी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही सभी परीक्षाओं के संचालन के लिए कार्यदायी संस्थाओं के पैनल को भंग कर दिया गया है।एसटीएफ की जांच में जेई भर्ती परीक्षा 2018 में अनियमितताओं को शासन और पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने बेहद गंभीरता से लिया है। गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ-साथ भविष्य में भर्तियों की प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।अध्यक्ष व सचिव के बाद कई और अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार के मुताबिक अप्टेक द्वारा आयोजित की जाने वाली अवर अभियंता, सहायक समीक्षा अधिकारी, कार्यालय सहायक व अपर निजी सचिव पद की प्रक्रियाधीन परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं।आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।प्रमुख सचिव ने बताया कि जेई परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इसकी जांच एसटीएफ से कराकर दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।इसके मद्देनजर एसटीएफ की रिपोर्ट आने के बाद आयोग के अध्यक्ष व सचिव को निलंबित करने का निर्णय किया गया।