UPPCL में PPF घोटाला: कांग्रेस ने की ऊर्जा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग

PPF scam

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में यूपीपीसीएल में हुए पीपीएफ घोटाले को लेकर कांग्रेस ने यूपी सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को बर्खास्त करने की मांग की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में अगर जरा सा भी नैतिकता है तो सबसे पहले ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को बर्खास्त कर यह साबित करें कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है। हजरत गंज स्थित गांधी प्रतिमा पर इस घोटाले को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन भी किया गया।

Ppf Scam In Uppcl Congress Demands Dismissal Of Energy Minister :


उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के 45 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के जीवन भर की कमाई डूब गई है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार की डीएचएफएल कंपनी से सांठगांठ थी, बिना सरकारीकर्मियों की मिलीभगत के ऐसा घोटाला नही हो सकता। भाजपा कार्रवाई की जगह मामले को दबाने में जुटी है। बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि में हुए घोटाले को लेकर प्रदेश कांग्रेस सचिव रमेश शुक्ला के नेतृत्व में हज़रत गंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन भी आयोजित किया गया।

अजया कुमार लल्लू ने कांग्रेस मुख्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में ट्वीट किया तब सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ खाना पूर्ति की कार्रवाई की है। उन्होने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सीएम बताएं कि, 2600 करोड़ रुपए का काम बिना कैबिनेट के कैसे मंजूर कर लिया गया और किया गया? उन्होने कहा कि सरकार हमेशा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है तो उसे तुरन्त ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, यूपीपीसीएल के तत्कालीन चेयरमैन व एमडी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाना चाहिए।

उन्होने बताया कि कर्मचारियों के 99 प्रतिशत फंड को निर्धारित नियमों के खिलाफ जाकर तीन निजी कंपनियों में निवेश किया गया। डीएचएफएल में सबसे ज्यादा 65 प्रतिशत राशि निवेश की गई। इसके लिए ऊर्जा मंत्री को जिम्मेदारी लेनी होगी। यही नही उन्होने यह भी कहा कि इस घोटाले की नींव सपा सरकार में रखी गयी थी जबकि घोटाला भाजपा सरकार में हुआ।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में यूपीपीसीएल में हुए पीपीएफ घोटाले को लेकर कांग्रेस ने यूपी सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को बर्खास्त करने की मांग की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में अगर जरा सा भी नैतिकता है तो सबसे पहले ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को बर्खास्त कर यह साबित करें कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है। हजरत गंज स्थित गांधी प्रतिमा पर इस घोटाले को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन भी किया गया। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के 45 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के जीवन भर की कमाई डूब गई है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार की डीएचएफएल कंपनी से सांठगांठ थी, बिना सरकारीकर्मियों की मिलीभगत के ऐसा घोटाला नही हो सकता। भाजपा कार्रवाई की जगह मामले को दबाने में जुटी है। बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि में हुए घोटाले को लेकर प्रदेश कांग्रेस सचिव रमेश शुक्ला के नेतृत्व में हज़रत गंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। अजया कुमार लल्लू ने कांग्रेस मुख्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में ट्वीट किया तब सरकार ने अधिकारियों के खिलाफ खाना पूर्ति की कार्रवाई की है। उन्होने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सीएम बताएं कि, 2600 करोड़ रुपए का काम बिना कैबिनेट के कैसे मंजूर कर लिया गया और किया गया? उन्होने कहा कि सरकार हमेशा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है तो उसे तुरन्त ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, यूपीपीसीएल के तत्कालीन चेयरमैन व एमडी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाना चाहिए। उन्होने बताया कि कर्मचारियों के 99 प्रतिशत फंड को निर्धारित नियमों के खिलाफ जाकर तीन निजी कंपनियों में निवेश किया गया। डीएचएफएल में सबसे ज्यादा 65 प्रतिशत राशि निवेश की गई। इसके लिए ऊर्जा मंत्री को जिम्मेदारी लेनी होगी। यही नही उन्होने यह भी कहा कि इस घोटाले की नींव सपा सरकार में रखी गयी थी जबकि घोटाला भाजपा सरकार में हुआ।