प्रधानमंत्री आवास योजना:88 अपात्रों से हुई वसूली,27 पर मुकदमे की तैयारी

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महराजगंज: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार और प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर या यूं कहें की स्थानीय स्तर से सांठगांठ कर आवास का लाभ प्राप्त करने वाले 88 अपात्रों से 48 लाख रुपये विभाग ने वसूल की गई है।

Pradhan Mantri Awas Yojana Recovery From 88 Ineligible Preparation Of Case On 27 :

जबकि सरकार का पैसा दबाए बैठे 27 अपात्रों के विरुद्ध विभाग ने मुकदमे की तैयारी शुरू कर दी है।

दरअसल गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों के लिए एक अदद छत मुहैया कराने के लिए सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभांवित कर रही है। योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 115 अपात्रों ने फर्जी ढंग से मिलीभगत कर आवास आवंटित करा लिया और 56 लाख रुपये खाते में भुगतान भी करा लिया। इसका पर्दाफाश होने के बाद विभाग ने शिकंजा कसना शुरू किया और 88 अपात्रों से 48 लाख 200 रुपये वसूल हुए है l

अपात्रों को नोटिस जारी की गई है। अगर शीघ्र पैसा नहीं जमा किए और इसमें लिप्त संबंधित सचिव पैसा जमा कराने में रूचि नहीं लिए दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराते हुए उनसे रिकवरी भी कराई जाएगी।

राजकरन पाल,परियोजना निदेशक डीआरडीए

सत्यापन में पास हो गए थे अपात्र ग्राम पंचायत अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी के सत्यापन के बाद इनके नाम का चयन किया गया। इसके बाद जिले द्वारा क्रास चेकिग भी कराई गई। लेकिन इन सभी अधिकारियों की जांच फेल हो गई और अपात्र धन पाने में पास हो गए। लेकिन इसका पर्दाफाश तब हुआ जब गांव में बात फैली तो ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की।

महराजगंज: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार और प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर या यूं कहें की स्थानीय स्तर से सांठगांठ कर आवास का लाभ प्राप्त करने वाले 88 अपात्रों से 48 लाख रुपये विभाग ने वसूल की गई है। जबकि सरकार का पैसा दबाए बैठे 27 अपात्रों के विरुद्ध विभाग ने मुकदमे की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों के लिए एक अदद छत मुहैया कराने के लिए सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभांवित कर रही है। योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 115 अपात्रों ने फर्जी ढंग से मिलीभगत कर आवास आवंटित करा लिया और 56 लाख रुपये खाते में भुगतान भी करा लिया। इसका पर्दाफाश होने के बाद विभाग ने शिकंजा कसना शुरू किया और 88 अपात्रों से 48 लाख 200 रुपये वसूल हुए है l अपात्रों को नोटिस जारी की गई है। अगर शीघ्र पैसा नहीं जमा किए और इसमें लिप्त संबंधित सचिव पैसा जमा कराने में रूचि नहीं लिए दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराते हुए उनसे रिकवरी भी कराई जाएगी। राजकरन पाल,परियोजना निदेशक डीआरडीए सत्यापन में पास हो गए थे अपात्र ग्राम पंचायत अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी के सत्यापन के बाद इनके नाम का चयन किया गया। इसके बाद जिले द्वारा क्रास चेकिग भी कराई गई। लेकिन इन सभी अधिकारियों की जांच फेल हो गई और अपात्र धन पाने में पास हो गए। लेकिन इसका पर्दाफाश तब हुआ जब गांव में बात फैली तो ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की।