परीक्षा टालने और पीटीएम रोकने के लिए हुई थी प्रद्युम्न की हत्या

नई दिल्ली। गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 2 के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या की गुत्थी को सीबीआई ने सुलझाने का दावा किया है। सीबीआई ने इस मामले में स्कूल में ही पढ़ने वाले 11वीं के एक छात्र को प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया है।

सामने आ रही जानकारी के मुताबिक प्रद्युम्न की हत्या की मुख्य वजह स्कूल में हो रही परीक्षाओं और पैरेंट टीचर्स मीटिंग को टालने की कोशिश थी। जिसे 11वीं के एक छात्र की ओर से अंजाम दिया गया था।

{ यह भी पढ़ें:- यूपी: मेरठ में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या, लोगों में आक्रोश }

सीबीआई की थ्यौरी के मुताबिक गिरफ्तार किया गया 11वीं का छात्र परीक्षा में शामिल होने के लिए तैयार नहीं था। उसने इस बात का जिक्र न सिर्फ अपने साथियों से किया था, बल्कि परीक्षा को पोस्टपोन करवाने का दावा ​भी किया था। आरोपी छात्र ने अपने दोस्तों से परीक्षा की तैयारी न करने की सलाह देते हुए कहा था कि वह कुछ ऐसा करेगा जिससे की परीक्षाएं टाल दी जाएंगी।

सीबीआई के मुताबिक आरोपी ने अपनी उसी योजना के तहत प्रद्युम्न की हत्या की थी। पुलिस ने अपनी इस कहानी को पुख्ता करने के लिए आरोपी छात्र व उसके अन्य साथियों से कई राउंड पूछताछ करने की बात कही है।

{ यह भी पढ़ें:- बिहार: सृजन घोटाले के दो और मामले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट }

आरोपी छात्र तक कैसे पहुंची सीबीआई —

सूत्रों की माने तो इस हत्याकांड की जांच अपने हाथ लेने के बाद सीबीआई ने क्राइम सीन रिक्रिएट किया था। पुलिस की कहानी के मुताबिक माली को टॉयलेट से बाहर निकलते देखने की जानकारी देने वाले छात्र को लेकर सीबीआई ने संदेह जाहिर ​किया, क्योंकि स्कूल के मुताबिक परीक्षा का दिन होने की वजह से प्रार्थना कक्षाओं में होनी थी, तो फिर छात्रों का स्कूल परिसर में घूमने का कोई औचित्य सामने नहीं आ रहा था।

इस पूरे क्राइम सीन को देखते हुए घटना स्थल पर आरोपी छात्र की मौजूदगी ने उसे संदेह के घेरे में लाने का काम किया। जिसके बाद सीबीआई ने संदिग्ध से कई बार पूछताछ की और फिर उसके साथियों के साथ एक साथ और अलग अलग बातचीत की। जिसके बाद सीबीआई को प्रद्युम्न की हत्या का मोटिव पता चला।

{ यह भी पढ़ें:- प्रद्युम्न हत्याकांड में 11वीं के छात्र को गिरफ्तार कर सीबीआई ने पलट दिया केस }

कंडक्टर अशोक निकला बेकसूर —

प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई ने भले ही असली हत्यारे तक पहुंचने में कामयाबी हासिल कर ली हो, लेकिन इस जांच ने हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस की क्षमताओं पर सवालिया निशान जरूर खड़े कर दिए हैं। प्रद्युम्न का हत्यारा स्कूल का छात्र निकलने के बाद गुरुग्राम पुलिस की उस थ्यौरी कंडक्टर अशोक की प्रतारणा का मामला बनकर सामने आई है।

अब देखना ये होगा कि हरियाणा सरकार गलत तथ्यों के आधार पर कंडक्टर अशोक को अरोपी बनाने वाले अपने काबिल पुलिस अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।

{ यह भी पढ़ें:- प्रद्युम्न मर्डर केस: इंडिया गेट के बजाय रामलीला मैदान में होगा कैंडल मार्च }

Loading...