शिवसेना-BJP के बीच जारी तनाव में NCP की एंट्री, प्रफुल्ल पटेल बोले- अगर हालात बदले तो ….

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शिवसेना-BJP के बीच जारी तनाव में NCP की एंट्री, प्रफुल्ल पटेल बोले- अगर हालात बदले तो ....

मुंबई। महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी और अगला सीएम कौन होगा इसपर अभी तक कुछ साफ नहीं हो पाया है। सीएम पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच तकरार ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा रखा है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने कहा कि अगर हालात बदलते हैं तो देखा जाएगा। विधानसभा चुनाव में एनसीपी तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसने 54 सीटों पर जीत हासिल की है।  

Praful Patel Maharashtra Shiv Sena Ncp Bjp Government Statement :

एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, “जनता का जनादेश हमें विपक्ष में बैठने के लिए मिला है। अगर हालात बदलते हैं तो फिर हम देखेंगे। “शिवसेना और बीजेपी के बीच जारी तनाव के बीच प्रफुल्ल पटेल के बयान के अपने सियासी मायने हैं। याद हो कि विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एनसीपी के प्रमुख शरद पवार की तारीफ की थी। इसको लेकर बीजेपी हाई कमान ने नाराजगी भी जाहिर की थी।  
मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भाजपा एक दूसरे पर वार कर रहे हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि अगर भाजपा गठबंधन धर्म का पालन नहीं करती है, तो शिवसेना के पास अन्य विकल्प भी हैं। भाजपा उन्हें उसपर विचार करने के लिए मजबूर ना करे। कांग्रेस की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि अगर शिवसेना हमें प्रस्ताव देती है तो वह सरकार बनाने पर विचार कर सकते हैं।

वहीं NCP के छगन भुजबल ने भी शिवसेना को बीजेपी का साथ छोड़कर उनके साथ आने को कहा था। हालांकि, शिवसेना की ओर से कोई बयान नहीं आया था।

महाराष्ट्र चुनाव में इस बार बीजेपी और शिवसेना एक साथ चुनाव लड़े और दोनों के गठबंधन को बहुमत भी मिला। लेकिन चुनाव नतीजों के बाद सीएम पद की कुर्सी पर पेच फंस गया है। वहीं एनसीपी-कांग्रेस लगातार कह रही है कि उन्हें सरकार बनाने के लिए जनादेश नहीं मिला है।

 

मुंबई। महाराष्ट्र में किसकी सरकार बनेगी और अगला सीएम कौन होगा इसपर अभी तक कुछ साफ नहीं हो पाया है। सीएम पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच तकरार ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा रखा है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने कहा कि अगर हालात बदलते हैं तो देखा जाएगा। विधानसभा चुनाव में एनसीपी तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसने 54 सीटों पर जीत हासिल की है।   एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "जनता का जनादेश हमें विपक्ष में बैठने के लिए मिला है। अगर हालात बदलते हैं तो फिर हम देखेंगे। "शिवसेना और बीजेपी के बीच जारी तनाव के बीच प्रफुल्ल पटेल के बयान के अपने सियासी मायने हैं। याद हो कि विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एनसीपी के प्रमुख शरद पवार की तारीफ की थी। इसको लेकर बीजेपी हाई कमान ने नाराजगी भी जाहिर की थी।   मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भाजपा एक दूसरे पर वार कर रहे हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि अगर भाजपा गठबंधन धर्म का पालन नहीं करती है, तो शिवसेना के पास अन्य विकल्प भी हैं। भाजपा उन्हें उसपर विचार करने के लिए मजबूर ना करे। कांग्रेस की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि अगर शिवसेना हमें प्रस्ताव देती है तो वह सरकार बनाने पर विचार कर सकते हैं। वहीं NCP के छगन भुजबल ने भी शिवसेना को बीजेपी का साथ छोड़कर उनके साथ आने को कहा था। हालांकि, शिवसेना की ओर से कोई बयान नहीं आया था। महाराष्ट्र चुनाव में इस बार बीजेपी और शिवसेना एक साथ चुनाव लड़े और दोनों के गठबंधन को बहुमत भी मिला। लेकिन चुनाव नतीजों के बाद सीएम पद की कुर्सी पर पेच फंस गया है। वहीं एनसीपी-कांग्रेस लगातार कह रही है कि उन्हें सरकार बनाने के लिए जनादेश नहीं मिला है।