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प्रशांत किशोर ने नोटबंदी से की NRC की तुलना, कहा-पीड़ित और गरीब लोग होंगे सबसे ज्यादा परेशान

Prashant Kishore Compares Nrc To Demonetisation Says The Victims And Poor People Will Be The Most Upset

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। जनता दल यूनाइटेट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर एनआरसी का शुरू से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इस बार एनआरसी की तुलाना नोटबंदी से की है। इससे पहले उन्होंने सिटिजनशिप एमेंडमेंट एक्ट का जमकर विरोध किया था। प्रशांत किशोर ने एनआरसी को लेकर रविवार एक ट्वीट किया है।

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इसमें उन्होंने कहा ​है कि, ‘पूरे देश में एनआरसी लागू करने का विचार नागरिकता के मामले में नोटबंदी के सामान है…यह तबतक अवैध है जबतक की आप इसे साबित नहीं कर देते।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि, ‘इससे सबसे ज्यादा पीड़ित गरीब और हाशिए पर रह रहे लोग होंगे… हम अपने अनुभव से यह जानते हैं।’

वहीं, जनता दल यूनाइटेट ने अब नागरिकता संशोधन अधिनियम पर अलग स्टैंड अपना लिया है। इसको लेकर प्रशांत किशोर के इस्तीफे की बात भी सामने आयी थी। शनिवार को इसको लेकर प्रशांत किशोर और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बीच मुलाकात हुई थी।

सूत्रों के अनुसार, सीएम से मुलाकात में उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की लेकिन नीतीश कुमार ने उनकी इस्तीफे की पेशकश ठुकरा दी थी। सीएम से मुलाकात करने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि हम अपने स्टैंड पर अब भी अडिग हैं। पार्टी में हर कोई क्या बोलता है, हम उसका जवाब नहीं देंगे। नागरिकता कानून और एनआरसी अगर एक साथ लागू होता है तो यह बेहद खतरनाक है।

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