प्रशांत किशोर ने बताया सुशील मोदी को परिस्थतियों वाला डेप्युटी सीएम

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प्रशांत किशोर ने बताया सुशील मोदी को परिस्थतियों वाला डेप्युटी सीएम

नई दिल्ली। बिहार में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है लेकिन इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनियन के गठबंधन में हलचल होने लगी है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी पर पार्टी लाइन से अलग बयान देने वाले जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इस बार डेप्युटी सीएम सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें परिस्थितियों का डेप्युटी सीएम बताया है।

Prashant Kishore Told Sushil Modi The Deputy Cm Of The Situation Said Pleasant To Hear The Lecture :

प्रशांत किशोर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, ‘बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व और जेडीयू की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं। 2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश डेप्युटी बनने वाले सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है।’

<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”hi” dir=”ltr”>बिहार में <a href=”https://twitter.com/NitishKumar?ref_src=twsrc%5Etfw”>@NitishKumar</a> का नेतृत्व और JDU की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं।<br><br>2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश DY CM बनने वाले <a href=”https://twitter.com/SushilModi?ref_src=twsrc%5Etfw”>@SushilModi</a> से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है।</p>&mdash; Prashant Kishor (@PrashantKishor) <a href=”https://twitter.com/PrashantKishor/status/1211869013325692928?ref_src=twsrc%5Etfw”>December 31, 2019</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>

सुशील मोदी ने साधा था किशोर पर निशाना

बता दें कि सुशील मोदी ने एक दिन पहले ही अपने ट्विटर हैंडल से प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए लिखा था कि जो लोग किसी विचारधारा के तहत नहीं बल्कि चुनावी डाटा जुटाने और नारे गढ़ने वाली कंपनी चलाते हुए राजनीति में आ गए, वे गठबंधन धर्म के विरुद्ध बयानबाजी कर विरोधी गठबंधन को फायदा पहुंचाने में लगे हैं।

किशोर ने जेडीयू को बताया था बड़ा भाई

सुशील मोदी ने कहा था, ‘2020 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाना तय है। सीटों के तालमेल का निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व समय पर करेगा। कोई समस्या नहीं है।’ इससे पहले प्रशांत किशोर ने जेडीयू को बड़ा भाई बताते हुए उसे बीजेपी से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कहा था। प्रशांत किशोर ने कहा था, ‘मेरे अनुसार लोकसभा चुनाव का फॉर्म्यूला विधानसभा चुनाव में दोहराया नहीं जा सकता। यही नहीं, विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा बनाकर लड़ा जाना है।’

पार्टी में ही उठे विरोध के सुर

हालांकि प्रशांत किशोर के इस प्रस्ताव में पार्टी में ही असहमति के स्वर उठने लगे। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में पार्टी के नेता आरसीपी सिंह ने पार्टी उपाध्यक्ष किशोर के सीट बंटवारे के फॉर्म्युले पर कहा था कुछ लोगों की हर समय बयान देने की आदत होती है। उन्होंने आगे कहा था, मेरे पास उनके बारे में कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है लेकिन यह असमय है। उन्हें समय से पहले ऐसे विषय उठाने से बचना चाहिए।’

नई दिल्ली। बिहार में अगले साल विधानसभा का चुनाव होना है लेकिन इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनियन के गठबंधन में हलचल होने लगी है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी पर पार्टी लाइन से अलग बयान देने वाले जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इस बार डेप्युटी सीएम सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें परिस्थितियों का डेप्युटी सीएम बताया है। प्रशांत किशोर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, 'बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व और जेडीयू की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं। 2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश डेप्युटी बनने वाले सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है।' <blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">बिहार में <a href="https://twitter.com/NitishKumar?ref_src=twsrc%5Etfw">@NitishKumar</a> का नेतृत्व और JDU की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं।<br><br>2015 में हार के बाद भी परिस्थितिवश DY CM बनने वाले <a href="https://twitter.com/SushilModi?ref_src=twsrc%5Etfw">@SushilModi</a> से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है।</p>&mdash; Prashant Kishor (@PrashantKishor) <a href="https://twitter.com/PrashantKishor/status/1211869013325692928?ref_src=twsrc%5Etfw">December 31, 2019</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script> सुशील मोदी ने साधा था किशोर पर निशाना बता दें कि सुशील मोदी ने एक दिन पहले ही अपने ट्विटर हैंडल से प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए लिखा था कि जो लोग किसी विचारधारा के तहत नहीं बल्कि चुनावी डाटा जुटाने और नारे गढ़ने वाली कंपनी चलाते हुए राजनीति में आ गए, वे गठबंधन धर्म के विरुद्ध बयानबाजी कर विरोधी गठबंधन को फायदा पहुंचाने में लगे हैं। किशोर ने जेडीयू को बताया था बड़ा भाई सुशील मोदी ने कहा था, '2020 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाना तय है। सीटों के तालमेल का निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व समय पर करेगा। कोई समस्या नहीं है।' इससे पहले प्रशांत किशोर ने जेडीयू को बड़ा भाई बताते हुए उसे बीजेपी से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए कहा था। प्रशांत किशोर ने कहा था, 'मेरे अनुसार लोकसभा चुनाव का फॉर्म्यूला विधानसभा चुनाव में दोहराया नहीं जा सकता। यही नहीं, विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा बनाकर लड़ा जाना है।' पार्टी में ही उठे विरोध के सुर हालांकि प्रशांत किशोर के इस प्रस्ताव में पार्टी में ही असहमति के स्वर उठने लगे। जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में पार्टी के नेता आरसीपी सिंह ने पार्टी उपाध्यक्ष किशोर के सीट बंटवारे के फॉर्म्युले पर कहा था कुछ लोगों की हर समय बयान देने की आदत होती है। उन्होंने आगे कहा था, मेरे पास उनके बारे में कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है लेकिन यह असमय है। उन्हें समय से पहले ऐसे विषय उठाने से बचना चाहिए।’