प्रयागराज : निरंजनी अखाड़े के महंत आशीष गिरी ने गोली मारकर की आत्महत्या

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प्रयागराज : निरंजनी अखाड़े के महंत आशीष गिरी ने गोली मारकर की आत्महत्या

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj) के निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhada) के महंत आशीष गिरी (Ashish Giri) ने अखाड़े के अंदर ही अपने कमरे में गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसपी सिटी, डीआईजी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गए।

Prayagraj Mahant Ashish Giri Of Niranjani Arena Shot And Killed By Suicide :

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी डीआईजी के पी सिंह एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची पड़ताल की धर्म गुरुओं का कहना है कि बीमारी से परेशान होकर उन्होंने जान दे दी।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने बताया कि रविवार सुबह 8:00 बजे उन्होंने आशीष गिरी  से फोन पर बात की थी उन्हें नाश्ता के लिए मठ में बुलाया था उस वक्त आशीष गिरि ने कहा कि वह स्नान करने के बाद आ रहे है। कुछ देर बाद जब वह नहीं पहुंचे तब मठ में रहने वाले इससे शिष्य आवास पर पहुंचे।

दूसरी मंजिल पर बने कमरे का दरवाजा खुला था। नीचे जमीन पर बिस्तर के ऊपर खून से लथपथ आशीष गिरी जी का पार्थिव शरीर था। उनके हाथ में पिस्टल थी। डीआईजी के पी सिंह व नरेंद्र गिरि महाराज का कहना है कि आशीष गिरी जी हाई ब्लड प्रेशर और पेट की बीमारी से परेशान थे उनका लिवर खराब हो गया था इसी से वह परेशान थे।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj) के निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhada) के महंत आशीष गिरी (Ashish Giri) ने अखाड़े के अंदर ही अपने कमरे में गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसपी सिटी, डीआईजी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गए। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी डीआईजी के पी सिंह एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची पड़ताल की धर्म गुरुओं का कहना है कि बीमारी से परेशान होकर उन्होंने जान दे दी। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने बताया कि रविवार सुबह 8:00 बजे उन्होंने आशीष गिरी  से फोन पर बात की थी उन्हें नाश्ता के लिए मठ में बुलाया था उस वक्त आशीष गिरि ने कहा कि वह स्नान करने के बाद आ रहे है। कुछ देर बाद जब वह नहीं पहुंचे तब मठ में रहने वाले इससे शिष्य आवास पर पहुंचे। दूसरी मंजिल पर बने कमरे का दरवाजा खुला था। नीचे जमीन पर बिस्तर के ऊपर खून से लथपथ आशीष गिरी जी का पार्थिव शरीर था। उनके हाथ में पिस्टल थी। डीआईजी के पी सिंह व नरेंद्र गिरि महाराज का कहना है कि आशीष गिरी जी हाई ब्लड प्रेशर और पेट की बीमारी से परेशान थे उनका लिवर खराब हो गया था इसी से वह परेशान थे।