1. हिन्दी समाचार
  2. प्रयागराजः सपा विधायक जवाहर यादव हत्याकांड में करवरिया बंधू दोषी करार

प्रयागराजः सपा विधायक जवाहर यादव हत्याकांड में करवरिया बंधू दोषी करार

By रवि तिवारी 
Updated Date

Prayagraj Verdict In Sp Mla Jawahar Yadav Murder Case At Adj Court Karwariya Brothers

लखनऊ। बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर यादव पंडित (SP MLA Jawahar Yadav Pandit) हत्याकांड मामले में ट्रायल कोर्ट (Trial Court) ने अपना फैसला सुना दिया है।कोर्ट ने मामले में करवरिया बंधुओं सहित एक अन्य को हत्या का दोषी करार दिया है। सजा के प्रश्न उत्तर 4 नवंबर को इसी अदालत में सुनवाई होगी।

पढ़ें :- प्रियंका गांधी का योगी सरकार पर बड़ा आरोप, बोलीं- लखनऊ सहित कई शहरों में छिपाए जा रहे हैं मौत के आंकड़े

निर्णय सुनाने के लिए 31 तारीख नियत कर दी थी। भोजन अवकाश के पश्चात आरोपित करवरिया बंधु कपिल मुनि करवरिया (पूर्व सांसद), उदय भान करवरिया( पूर्व सदस्य, विधानसभा,) सूरज भान करवरिया (पूर्व सदस्य विधान परिषद स्थानीय निकाय क्षेत्र इलाहाबाद) एवं राम चंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू को कड़ी सुरक्षा में सदर लाकअप से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने इन सभी को इनके अधिवक्ताओं की उपस्थिति में फैसला सुनाया और कहा कि सभी को दोष सिद्ध इस मामले में किया जाता है। सजा पर 4 नवंबर को सुनवाई की जाएगी।

हत्‍याकांड में ये थे आरोपी

जवाहर पंडित हत्‍याकांड में पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, उनके भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया और राम चंद्र त्रिपाठी आरोपी हैं। झूंसी विधानसभा से सपा विधायक जवाहर यादव पंडित की हत्या 23 साल पहले 13 अगस्त 1996 को सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और कॉफी हाउस के बीच एके 47 से गोलियां बरसाकर की गई थी। सपा विधायक जवाहर पंडित के साथ ही उनके ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि विधायक पर हुए हमले में पंकज कुमार श्रीवास्तव और कल्लन यादव घायल हो गए थे।

बता दें हत्याकांड में विधायक की पत्नी की ओर से सिविल लाइंस थाने में करवरिया बंधुओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। सिविल लाइंस थाने के बाद मुकदमे की विवेचना सीबीसीआईडी ने भी की और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मुकदमे के दौरान कुछ साल तक हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते मुकदमे की सुनवाई भी नहीं हो सकी थी।

पढ़ें :- नदी में तैरते शव मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त, केंद्र, बिहार और यूपी को भेजा नोटिस

योगी सरकार ने करवारिया बंधुओं से लिया था मुकदमा वापस

इस बीच प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सरकार ने करवरिया बंधुओं से मुकदमा वापस ले लिया था, जिसका विरोध पूर्व विधायक विजमा यादव ने किया और अदालत में कानूनी लड़ाई भी लड़ी। इसके बाद कोर्ट ने सरकार के फैसले को यह कहते हुए वापस लौटा दिया था कि ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे की सुनवाई फैसले के करीब है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन की तरफ से जहां 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे, वहीं करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया है।

इस मामले भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और मौजूदा समय में राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्रा की भी गवाही हो चुकी है। फिलहाल दोनों ही पक्षों को 23 साल चली इस लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब फैसले का बेसब्री से इंतजार है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...
X