एक बार फिर से 2000 के नोट बंद करने की तैयारी कर रही सरकार, ये है बड़ा कारण

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Preclosure Of 2000 Notes To Stop Black Marketing

नोटबंदी के बाद एक बार फिर से बाजार में कालाबाजारी रोकने के लिए बड़े नोट बंद करने की तैयारी की जा रही है। बैंकिंग सूत्रों का कहना है कि इन दिनों बैंकों में 2000 के नोट आने बंद हो गए हैं। हालांकि बैंकों द्वारा ये नोट लिए जा रहे हैं। साथ ही 2000 के केवल वे ही नोट खपाए जा रहे हैं, जो बाजार में पिछले डेढ़ साल से चल रहे हैं।

बैंक अफसरों का कहना है कि नोट बंद करने के संबंध में उनके पास किसी भी तरह से कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है, इसलिए वे कुछ भी कहने में असमर्थ हैं। अभी एटीएम से 500, 100 और 200 रुपए के नोट मिल रहे हैं। ज्यादातर एटीएम में अब 500 के ही नोट निकल रहे हैं।

बाजार में भी इस बात की चर्चा जोरों पर है कि एक बार फिर से कालाबाजारी पर रोक लगाने 2000 के बड़े नोट हटाए जा सकते हैं, इसलिए पहले से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और बैंकों को भी अघोषित रूप से निर्देश हैं।

बैंकिंग सूत्रों का कहना है कि 2000 के नए नोट पिछले करीब चार माह से आने बंद हो गए हैं। बैंकों के पास इन दिनों 500 व 200 के नोट ही ज्यादा आ रहे हैं। बैंकों से हालांकि 2000 के नोट उपलब्ध हो रहे हैं, लेकिन एटीएम से ये नोट मिलने बंद हो गए हैं।

बैंकों को भी स्पष्ट निर्देश हैं कि इन दिनों उपभोक्ताओं को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर जोर देने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे काफी हद तक गलत कामों पर रोक लगेगी।

नोटबंदी के बाद एक बार फिर से बाजार में कालाबाजारी रोकने के लिए बड़े नोट बंद करने की तैयारी की जा रही है। बैंकिंग सूत्रों का कहना है कि इन दिनों बैंकों में 2000 के नोट आने बंद हो गए हैं। हालांकि बैंकों द्वारा ये नोट लिए जा रहे हैं। साथ ही 2000 के केवल वे ही नोट खपाए जा रहे हैं, जो बाजार में पिछले डेढ़ साल से चल रहे हैं। बैंक अफसरों का कहना है कि नोट बंद…