प्रेमिका के परिजनों ने दी जान से मारने की धमकी, डर कर प्रेमी ने कर ली आमहत्या

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जगतपुरी इलाके में प्रेमिका के परिजनों की जान से मारने की धमकी से डर कर एक युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस को उसके शव के पास एक सुसाइट नोट मिला, जिसमें उसने प्रेमिका और उसके परिजनों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। बेटे की मौत से आहत परिजनों ने मामले में जगतपुरी थाने की पुलिस पर उनके बयान दर्ज करने में मनमानी का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने न ही उनके मुताबिक बयान दर्ज किए और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की।

मृतक युवक का नाम करण सिंह वैद्य 22 है। परिजनों के साथ वह बी-6, शिवपुरी, जगतपुरी इलाके में रहता था। परिवार में उसके पिता सतविंदर सिंह, मां, एक बड़ा भाई जसपाल सिंह 27 और दो बहनें हैं। उसका अपना सप्लीमेंट्स और ज्वैलरी का कारोबार है। करण भी अपने पिता के साथ उनके कारोबार में हाथ बटाता था। परिजनों के मुताबिक करण दो साल से कड़कड़डूमा निवासी एक लड़की से प्यार करता था। पता चलने पर करण के परिजन उसकी शादी के लिए तैयार हो गए।




करण ने जब लड़की से शादी की बात की उसने इनकार कर दिया। इसको लेकर दोनों में कहासुनी की बाद कुछ दिन पहले 16 मई की सुबह 8 बजे करण लड़की को मनाने गया, लेकिन लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी और उसके परिजनों ने करण के साथ हाथापाई कर उसे जान से मारने की धमकी दी। करण अपने घर पहुंचा, तो लड़की के फूफा ने उसे फोन जान से मारने की धमकी दी। धमकी से डरकर सुबह लगभग 11 बजे करण ने अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

पता लगने पर परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिय। करण ने खुदकुशी करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। सुसाइ नोट में उसने लिखा कि मेरी मौत की जिम्मेदार मेंरी प्रेमिका और उसके परिजन हैं। उसने सुसाइड नोट में प्रेमिका को शादी के लिए मनाने और लड़के के इनकार भी जिक्र किया है। मृत युवक के परिजनों का आरोप है, कि उनके बेटे की मौत पर जो बयान उन्होंने पुलिस को दिए, आईओ ने उसमें से कुछ भी नहीं लिखा।




बयान ठीक से दर्ज करने के लिए कहने पर आईओ ने उन्हें हिदायत दी कि उन्हें उनका काम न सिखाएं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों में से किसी को पूछताछ के लिए भी नहीं पकड़ा। इस बाबत स्थानीय एसीपी से बात करने पर उन्होनें जगतपुरी पुलिस के मनमानी के रवैये पर अनभिज्ञता जाहिर की और पीड़ित परिवार के बयान फिर से दर्ज करवाने की बात कही।

Loading...