महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की तैयारी, शिवसेना बोली-तय समय से पहले लगा तो जायेंगे सुप्रीम कोर्ट

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महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की तैयारी, शिवसेना बोली-तय समय से पहले लगा तो जायेंगे सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचतान के बीच वहां पर राष्ट्रपति शासन लगने के संकेत मिलने लगे हैं। शिवसेना सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही थी। हालांकि अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। वहीं, कांग्रेस और एनसीपी इसको लेकर बैठक कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अभी तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

Preparations For Presidents Rule In Maharashtra Shiv Sena Will Go To Court Before Bidding Time :

वहीं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यरी ने महाराष्ट्र के हालात पर केंद्र से चर्चा शुरू कर दी है। इस बात पर चर्चा की जा रही है कि अगर एनसीपी पर्याप्त समर्थन पत्र के साथ नहीं आती है तो क्या फैसला लिया जाए। इस संबंध में राज्यपाल सभी कानूनी पहलुओं पर सलाह ले रहे हैं। वहीं, बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र की स्थिति को देखते हुए पीएम ने अपात में कैबिनेट की बैठक बुलाई है।

इस बीच शिवसेना ने कहा कि तय समय से पहले अगर राष्ट्रपति शासन लगाया जायेगा तो वह कोर्ट जायेंगे। इसको लेकर उद्धव ठाकरे ने वरिष्ठ वकील कपित सिब्बल से बातचीत शुरू कर दी है। वहीं, शिवसेना के एनडीए से अलग होने पर बीजेपी के दूसरे घटक दल जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने भी सवाल उठाए। इसके साथ ही केसी त्यागी ने एक समन्वय समिति बनाए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अटल-आडवाणी के कार्यकाल की एनडीए की तर्ज पर मोदी और शाह भी कमेटी बनाएं। त्यागी ने शिवसेना और बीजेपी के रिश्ते टूटने पर कहा कि इतने पुराने रिश्ते टूटते हैं तो विश्वास भी टूटते हैं और पीड़ा भी होती है।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही खींचतान के बीच वहां पर राष्ट्रपति शासन लगने के संकेत मिलने लगे हैं। शिवसेना सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही थी। हालांकि अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। वहीं, कांग्रेस और एनसीपी इसको लेकर बैठक कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अभी तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। वहीं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यरी ने महाराष्ट्र के हालात पर केंद्र से चर्चा शुरू कर दी है। इस बात पर चर्चा की जा रही है कि अगर एनसीपी पर्याप्त समर्थन पत्र के साथ नहीं आती है तो क्या फैसला लिया जाए। इस संबंध में राज्यपाल सभी कानूनी पहलुओं पर सलाह ले रहे हैं। वहीं, बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र की स्थिति को देखते हुए पीएम ने अपात में कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बीच शिवसेना ने कहा कि तय समय से पहले अगर राष्ट्रपति शासन लगाया जायेगा तो वह कोर्ट जायेंगे। इसको लेकर उद्धव ठाकरे ने वरिष्ठ वकील कपित सिब्बल से बातचीत शुरू कर दी है। वहीं, शिवसेना के एनडीए से अलग होने पर बीजेपी के दूसरे घटक दल जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने भी सवाल उठाए। इसके साथ ही केसी त्यागी ने एक समन्वय समिति बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अटल-आडवाणी के कार्यकाल की एनडीए की तर्ज पर मोदी और शाह भी कमेटी बनाएं। त्यागी ने शिवसेना और बीजेपी के रिश्ते टूटने पर कहा कि इतने पुराने रिश्ते टूटते हैं तो विश्वास भी टूटते हैं और पीड़ा भी होती है।