विदेश मंत्रालय की पहल पर नेपाल में फंसे भारतीयों को लाने की तैयारी

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 भारतीय दूतावास काठमांडू के निर्देश पर प्रतिदिन पाँच सौ भारतीय नागरिको को मिलेगा प्रवेश

Preparations To Bring Indians Stranded In Nepal On The Initiative Of Foreign Ministry :

सोनौली महराजगंज । विदेश मंत्रालय की पहल पर भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर के रास्ते भारतीय दूतावास काठमांडू के निर्देश पर प्रतिदिन पाँच सौ भारतीय नागरिको को नेपाल से लाने की तैयारी में जुट गया है। जिसको लेकर डीएम और एसपी ने सीमा का दौरा कर नेपाल के अधिकारियों से मिले और उन्हें इस सम्बंध में जानकारी दिया।

कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत की तरह नेपाल में भी लाकडाउन चल रहा है। सभी दुकाने कारखाने बन्द है। मित्र राष्ट्र होने के कारण लाखो भारतीय नेपाल में रह कर नौकरी व्यवसाय करते थे। जो पिछले दो माह से बन्द है। जिससे हजारो भारतीय नेपाल में फस गए है। एवं भारतीय दूतावास से घर जाने की गुहार लगा रहे है।

सोमवार की दोपहर सोनौली बार्डर का निरीक्षण करने पहुचे जिलाधिकारी डॉ उज्ज्वल कुमार और पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान ने भारत नेपाल सीमा पर रूपनदेही जिले के अधिकारियों से मिले और शांति सुरक्षा को लेकर बातचीत किया। फिर वह आब्रजन कार्यालय पहुचे और अधिकारियों से मिलकर नेपाल में फंसे भारतीय नागरिको को लाने के सम्बंध में बातचीत किया।

इस दौरान उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय की पहल पर 26 से 29 चार दिनों में नेपाल में फंसे भारतीय नागरिक जो अपने घर जाना चाहते है। उन्हें लाया जाएगा। इन चार दिनों में प्रतिदिन पाँच सौ भारतीयों को प्रवेश मिलेगा जिनकी पूरी डिटेल आब्रजन विभाग के पास रहेगी सभी भारतीय नागरिको की जांच के बाद उन्हें क्वारन्टीन किया जाएगा । फिर सभी को घर भेज दिया जाएगा।

इस मौके पर सीडीओ पवन कुमार, एसडीएम जसधीर सिंह , क्षेत्राधिकारी राजू कुमार साव, कोतवाल निर्भय सिंह, डीएसपी रूपनदेही मान बहादुर शाही, इंस्पेक्टर बेलहिया ईश्वरी अधिकारी ईओ सोनौली राजनाथ यादव,सहित कई लोग मौजूद रहे।

 

 भारतीय दूतावास काठमांडू के निर्देश पर प्रतिदिन पाँच सौ भारतीय नागरिको को मिलेगा प्रवेश सोनौली महराजगंज । विदेश मंत्रालय की पहल पर भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर के रास्ते भारतीय दूतावास काठमांडू के निर्देश पर प्रतिदिन पाँच सौ भारतीय नागरिको को नेपाल से लाने की तैयारी में जुट गया है। जिसको लेकर डीएम और एसपी ने सीमा का दौरा कर नेपाल के अधिकारियों से मिले और उन्हें इस सम्बंध में जानकारी दिया। कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत की तरह नेपाल में भी लाकडाउन चल रहा है। सभी दुकाने कारखाने बन्द है। मित्र राष्ट्र होने के कारण लाखो भारतीय नेपाल में रह कर नौकरी व्यवसाय करते थे। जो पिछले दो माह से बन्द है। जिससे हजारो भारतीय नेपाल में फस गए है। एवं भारतीय दूतावास से घर जाने की गुहार लगा रहे है। सोमवार की दोपहर सोनौली बार्डर का निरीक्षण करने पहुचे जिलाधिकारी डॉ उज्ज्वल कुमार और पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान ने भारत नेपाल सीमा पर रूपनदेही जिले के अधिकारियों से मिले और शांति सुरक्षा को लेकर बातचीत किया। फिर वह आब्रजन कार्यालय पहुचे और अधिकारियों से मिलकर नेपाल में फंसे भारतीय नागरिको को लाने के सम्बंध में बातचीत किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय की पहल पर 26 से 29 चार दिनों में नेपाल में फंसे भारतीय नागरिक जो अपने घर जाना चाहते है। उन्हें लाया जाएगा। इन चार दिनों में प्रतिदिन पाँच सौ भारतीयों को प्रवेश मिलेगा जिनकी पूरी डिटेल आब्रजन विभाग के पास रहेगी सभी भारतीय नागरिको की जांच के बाद उन्हें क्वारन्टीन किया जाएगा । फिर सभी को घर भेज दिया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ पवन कुमार, एसडीएम जसधीर सिंह , क्षेत्राधिकारी राजू कुमार साव, कोतवाल निर्भय सिंह, डीएसपी रूपनदेही मान बहादुर शाही, इंस्पेक्टर बेलहिया ईश्वरी अधिकारी ईओ सोनौली राजनाथ यादव,सहित कई लोग मौजूद रहे।