नरेंद्र मोदी 30 मई को शाम 7 बजे लेंगे पीएम पद की शपथ

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नरेंद्र मोदी 30 मई को शाम 7 बजे लेंगे पीएम पद की शपथ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को होने जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ट्विटर हेंडल से दी गई जानकारी के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह 30 मई शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन में होगा। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।

President Kovind Will Administer The Oath Of Prime Minister Modi At 7 Pm On May 30th :

शनिवार को नरेद्र मोदी ने राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इससे पहले नरेंद्र मोदी बीजेपी संसदीय दल के नेता चुने गए थे, इसके बाद उन्हें एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया।

शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने और दुनिया को संदेश देने के लिए पी-5 देशों (अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस) तथा इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण देशों के शासनाध्यक्षों को भी बुलाने की तैयारी चल रही है।

गौरतलब है कि बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद ओआईसी ने पहली बार भारत को अपनी बैठक में आमंत्रित किया था। इसके विरोध में पाकिस्तान ने इस बैठक का बहिष्कार किया था। 2014 में मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान सहित सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे।

बता दें कि नरेंद्र मोदी की अगुआई में लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने 2014 के प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ते हुए 542 में से 303 सीटों पर कब्जा कर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को कुल 353 सीटें मिली हैं। अब सबकी निगाह इस पर है कि पीएम मोदी के नए मंत्रिपरिषद में किनको-किनको जगह मिलती है।

मोदी के पिछले कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज ने स्वास्थ्य कारणों से इस बार चुनाव नहीं लड़ा था। वहीं, वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली की भी सेहत खराब है। ऐसे में कयास लग रहे हैं कि नए मंत्रिपरिषद में ये दोनों प्रमुख नेता शायद शामिल न हों।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को होने जा रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ट्विटर हेंडल से दी गई जानकारी के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह 30 मई शाम 7 बजे राष्ट्रपति भवन में होगा। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। शनिवार को नरेद्र मोदी ने राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इससे पहले नरेंद्र मोदी बीजेपी संसदीय दल के नेता चुने गए थे, इसके बाद उन्हें एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने और दुनिया को संदेश देने के लिए पी-5 देशों (अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस) तथा इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण देशों के शासनाध्यक्षों को भी बुलाने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद ओआईसी ने पहली बार भारत को अपनी बैठक में आमंत्रित किया था। इसके विरोध में पाकिस्तान ने इस बैठक का बहिष्कार किया था। 2014 में मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान सहित सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे। बता दें कि नरेंद्र मोदी की अगुआई में लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने 2014 के प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ते हुए 542 में से 303 सीटों पर कब्जा कर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को कुल 353 सीटें मिली हैं। अब सबकी निगाह इस पर है कि पीएम मोदी के नए मंत्रिपरिषद में किनको-किनको जगह मिलती है। मोदी के पिछले कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज ने स्वास्थ्य कारणों से इस बार चुनाव नहीं लड़ा था। वहीं, वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली की भी सेहत खराब है। ऐसे में कयास लग रहे हैं कि नए मंत्रिपरिषद में ये दोनों प्रमुख नेता शायद शामिल न हों।