प्रेसिडेंट महमूद ने दिया फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान, पीएम बोले- सवा सौ करोड़ भारतीयों की तरफ से शुक्रिया

प्रेसिडेंट महमूद ने दिया फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान, पीएम बोले- सवा सौ करोड़ भारतीयों की तरफ से शुक्रिया
प्रेसिडेंट महमूद ने दिया फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान, पीएम बोले- सवा सौ करोड़ भारतीयों की तरफ से शुक्रिया

रामल्ला। फिलिस्तीन के साथ संबंध बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को देखते हुए फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने उन्हें यहां शनिवार को ‘ ग्रैंड कॉलर ऑफ स्टेट ऑफ फिलिस्तीन ‘ सम्मान से सम्मानित किया। यह फिलिस्तीन की ओर से विदेशी राष्ट्राध्यक्षों या गणमान्यों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, भारत और फिलिस्तीन के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री के योगदान के लिए, फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने द्विपक्षीय बैठक समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री को ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ सम्मान दिया।

यह सम्मान विदेशी गणमान्यों- शाह, सरकार और राज्य के प्रमुख या इसी तरह के समान पद के लोगों को दिया जाता है। पुरस्कार के साथ दिए गए प्रशस्ति-पत्र के अनुसार, “यह उनके कुशल नेतृत्व और उनकी उत्कृष्ट राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय छवि को देखते हुए और फिलिस्तीन तथा भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को मान्यता है।” प्रशस्ति-पत्र के अनुसार, “क्षेत्र में हमारे लोगों के अधिकार की आजादी और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की आजादी को समर्थन देने के लिए हम उनकी सराहना करते हैं।”इससे पहले दिन में मोदी को यहां राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला फिलिस्तीन दौरा है। उन्होंने यहां फिलिस्तीनियन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के पूर्व अध्यक्ष और फिलिस्तीन के प्रथम राष्ट्रपति यासिर अराफात की मजार पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। दोनों नेताओं के बीच वार्ता के दौरान यहां कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

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यह मोदी और अब्बास की चौथी मुलाकाता है। इससे पहले दोनों नेताओं ने वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मुलाकात की थी। इसी वर्ष बाद में पेरिस जलवायु सम्मेलन से इतर भी दोनों नेताओं ने मुलाकात की थी। पिछले वर्ष फिलिस्तीनी नेता के भारत दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीसरी मुलाकात हुई थी।इस दौरे से भारत की उस विदेश नीति के उस रुख की पुष्टि होती है, जिसके तहत भारत का किसी देश के साथ संबंध किसी तीसरे देश के साथ संबंध से मुक्त होता है। मोदी ने पिछले वर्ष जुलाई में केवल इजरायल की यात्रा की थी। मोदी के पश्चिम एशिया के तीन देशों के दौरे में फिलिस्तीन पहला पड़ाव है, जिसके बाद वह संयुक्त अरब अमीरात(यूएई) और ओमान जाएंगे।

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