1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 27 जून को आ रहे हैं कानपुर देहात, ये है बड़ी वजह

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 27 जून को आ रहे हैं कानपुर देहात, ये है बड़ी वजह

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज भी अपने पुराने दोस्तों को नहीं भूले हैं। राष्ट्रपति खुद अपने बीमार दोस्त से मिलने कानपुर देहात आ रहे है। कानपुर देहात निवासी सतीश मिश्रा को जैसे राष्ट्रपति की आने जानकारी मिली तो उनकी खुशी https://hindi.pardaphash.com/wp-admin/edit.phpका कोई ठिकाना नहीं रहा। इसके साथ ही अपने आप को धन्य मान रहे हैं कि राष्ट्रपति दोस्ती के खातिर उनसे मिलने कानपुर देहात आ रहे हैं।

By संतोष सिंह 
Updated Date

कानपुर। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज भी अपने पुराने दोस्तों को नहीं भूले हैं। राष्ट्रपति खुद अपने बीमार दोस्त से मिलने कानपुर देहात आ रहे है। कानपुर देहात निवासी सतीश मिश्रा को जैसे राष्ट्रपति की आने जानकारी मिली तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। इसके साथ ही अपने आप को धन्य मान रहे हैं कि राष्ट्रपति दोस्ती के खातिर उनसे मिलने कानपुर देहात आ रहे हैं।

पढ़ें :- मुरादाबाद: पलायन पर मजबूर हुए कई हिंदू परिवार, एक समुदाय विशेष पर लगाया ये गंभीर आरोप

राष्ट्रपति के कानपुर देहात आने की जानकारी मिलने के बाद बीमार सतीश मिश्रा में नई ऊर्जा आ गई है। बता दें कि रामनाथ कोविंद और कानपुर देहात के ग्रामीण इलाके भोगनीपुर के पुखरायां निवासी सतीश मिश्रा करीब 30 वर्षो से घनिष्ठ मित्र हैं। इन दिनों सतीश मिश्रा की तबीयत बेहद खराब चल रही है। अपने मित्र सतीश के बीमार होने की जानकारी जब राष्ट्रपति को हुई तो सबसे पहले उन्होंने फोन कर सतीश से बात की और कानपुर देहात आकर सतीश को देखने का वादा भी किया। अब अपने व्यस्त शेड्यूल की परवाह न करते हुए राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ कानपुर देहात अपने परम् मित्र सतीश से मिलने आ रहे हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 27 जून के कानपुर देहात दौरे से जनपद के लोगों में खुशी है। वहीं सभी अपने आप को गौरांवित मान रहे हैं। बता दें राष्ट्रपति कानपुर देहात के ही रहने वाले हैं। उनके मित्र पुखरायां के सतीश मिश्रा की खुशी का कोई ठिकाना ही रह गया है। सतीश राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ बिताए पुराने समय को याद कर रहे हैं।

बीएनएसडी कॉलेज से शुरू हुई दोस्ती

सतीश मिश्रा ने बताया कि वह और रामनाथ कोविंद बीएनएसडी कॉलेज में पढ़ते थे। जहां उनकी पहली बार मुलाकात हुई थी। यही हाल डीएवी कॉलेज में भी रहा। इसके बाद राष्ट्रपति एलएलबी करने लगे और वह पुखरायां वापस आ गए थे। उन्होंने बताया कि 1991 में जब रामनाथ कोविंद कानपुर की घाटमपुर से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने आए थे। इस दौरान फिर से पुरानी यादें ताजा हो गईं और मुलाकात होने लगी। सतीश मिश्रा ने बताया कि कस्बे के ही एक और मित्र रहे स्वर्गीय केदार द्विवेदी ने रामनाथ कोविंद को संघ के वीरेश्वर द्विवेदी से मिलवाया था और फिर अशोक सिंघल से उनका संपर्क कराया था, जिसके बाद उनकी दोस्ती और पक्की हो गई।

पढ़ें :- राजधानी की सड़क पर युवती के हाईवोल्टेज ड्रामा की एक और वीडियो वायरल, ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है #ArrestLucknowGirl

सतीश मिश्रा यह भी बताते हैं कि दोस्ती गहरी होने के बाद हर छोटे बड़े कार्यक्रमों में भी परिवार के साथ आना-जाना रहता रहा है। राष्ट्रपति अपने हर कार्यक्रम में उन्हें जरूर बुलाते हैं। 8 अगस्त 2015 में जब रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल बने तो उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में विशेष अतिथि के रूप में बुलाया था। 20 जुलाई 2017 को राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी वह दिल्ली गए थे। अब 27 जून को राष्ट्रपति उनसे मिलने के लिए अपने परिवार के साथ आ रहे हैं, जिसको लेकर बेहद खुश हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...