नेपाल में पीएम ओली पर बढ़ रहा है दबाव, राष्ट्रपति से मिले प्रंचड, नेपाल में सियासी हलचल हुई तेज

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नेपाल में पीएम ओली पर बढ़ रहा है दबाव, राष्ट्रपति से मिले प्रंचड, नेपाल में सियासी हलचल हुई तेज

काठमांडू। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा है। उनकी पार्टी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य ही उनकी विदेश निति को लेकर इस्तीफा मांग रहे हैं। इस बीच पार्टी के दि​ग्गज नेता पुष्प कमल प्रचंड ने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मुलाकात करने के बाद पीएम केपी ओली के साथ बातचीत कर रहे हैं।

Pressure On Pm Oli In Nepal Is Increasing President Met Political Turmoil Intensifies :

वहीं, सोमवार को पीएम ओली और दहल के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए बुलाई गयी बैठक को टाल दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के एक गुट ने ओली के इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि कुछ अन्य नेताओं ने उनसे प्रधानमंत्री और पार्टी के सह-अध्यक्ष के दोनों पदों को छोड़ने के लिए कहा है।

हालांकि, ओली ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। स्थायी समिति के सदस्य हरिबोल गजुरेल के अनुसार, ओली और दहल दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। गजुरेल के अनुसार दहल ने शनिवार को ओली से कहा कि बारी-बारी से सरकार का नेतृत्व करने के समझौते के बावजूद, उन्होंने पूरे पांच साल का कार्यकाल दिया, लेकिन प्रधानमंत्री देश को अच्छी तरह से चलाने में विफल रहे और पार्टी में हताशा बढ़ रही है।

काठमांडू। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा है। उनकी पार्टी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य ही उनकी विदेश निति को लेकर इस्तीफा मांग रहे हैं। इस बीच पार्टी के दि​ग्गज नेता पुष्प कमल प्रचंड ने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मुलाकात करने के बाद पीएम केपी ओली के साथ बातचीत कर रहे हैं। वहीं, सोमवार को पीएम ओली और दहल के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए बुलाई गयी बैठक को टाल दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के एक गुट ने ओली के इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि कुछ अन्य नेताओं ने उनसे प्रधानमंत्री और पार्टी के सह-अध्यक्ष के दोनों पदों को छोड़ने के लिए कहा है। हालांकि, ओली ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। स्थायी समिति के सदस्य हरिबोल गजुरेल के अनुसार, ओली और दहल दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। गजुरेल के अनुसार दहल ने शनिवार को ओली से कहा कि बारी-बारी से सरकार का नेतृत्व करने के समझौते के बावजूद, उन्होंने पूरे पांच साल का कार्यकाल दिया, लेकिन प्रधानमंत्री देश को अच्छी तरह से चलाने में विफल रहे और पार्टी में हताशा बढ़ रही है।