अच्छी खबर, एक बार फिर घटे अरहर दाल के दाम

नई दिल्ली| अच्छे मानसून, सरकार द्वारा विदेशों से दाल आयात करने और जमाखोरों पर लगाम लगाने के बाद आम आदमी की थाली से गायब हुई अरहर दाल के दामों में एक बार फिर कमी आई है| गुरुवार को अरहर दाल के दाम 10 रुपए किलो गिर गए| जो दाल पिछले दिनों 118 रुपए प्रति किलो मिल रही थी अब उसके दाम घटकर 108 रुपए प्रति किलो हो गए हैं| बताया जा रहा है कि आने वाले त्योहारी सीजन में दाल के दाम और कम होंगे| सरकार ने भी इसके लिए कमर कस ली है|




बता दें कि मार्च-अप्रैल 2016 में अरहर दाल के दाम 165 से 170 रुपए किलो तक पहुंच गए थे| हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा अरहर दाल आयात करने और दालों का रकबा बढ़ने के साथ नई सब्जियां आने से दाल के दाम घट गए| मार्च-अप्रैल 2016 में अरहर दाल के दाम 165 से 170 रुपए किलो थे| मई-जून में 155-160 रुपए हुए| जुलाई में 140 रुपए, अगस्त में आखिरी तक 150 रुपए होकर सितंबर के पहले हफ्ते में इसके दाम 118 रुपए तक पहुंचे| गुरुवार को एक फिर इसके दाम घटे| अब अरहर दाल 108 रुपए प्रति किलो हो गई है|

केंद्र सरकार द्वारा विदेशों से दाल आयात करने और जमाखोरों पर लगाम लगाने के कारण दालों के दाम कुछ दिनों से लगातार गिर रहे हैं| आने वाले दिनों में दालों के भाव में और गिरावट आने की बात कही जा रही है| केंद्र सरकार ने बीते दिनों जमाखोरी को रोकने के लिए दाल की स्टॉक लिमिट तय कर दी है| इतना ही नहीं जमाखोरों पर छापा डालकर करीब 50 हज़ार टन दाल को ज़ब्त किया गया। दाल का 40 हज़ार टन का बफर स्टॉक तैयार करने के साथ ही दाल के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगाया और फ्यूचर ट्रेडिंग पर रोक लगा दी|




बता दें कि इस वर्ष किसानों ने अरहर की दाल 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेची है| अगर मिल और दूसरे ख़र्चों को जोड़ दिया जाए तो हद से हद इसका दाम 80 से 90 रुपये प्रति किलोग्राम होना चाहिए था लेकिन बिचौलियों, थोक और मिल कारोबारियों से होते हुए रिटेल में दाल के दाम 180 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए| जानकारों के मुताबिक कुछ बड़े किसान ही दाल को स्टॉक कर पाते हैं| इसलिए दाम बढ़ाने का खेल बिचौलियों और बड़े कारोबारियों के हाथ में ही होता है जिनमें बड़े रिटेल स्टोर शामिल होते हैं|