मिड डे मी​ल में बंदर बांट के लिए प्राइमरी टीचर आपस में भिड़े

कुशीनगर। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्राइमरी स्कूलों में चल रही मिड डे मील योजना को लेकर कितने गंभीर हैं ये बात ऊपर लगी तस्वीर स्पष्ट कर रही है। लेकिन दूसरी तस्वीर इस खबर की हेड लाइन बयान करती है। जिसमें दूर दराज के इलाकों में चल रही मिड डे मील योजना की पोल खुलती नजर आती है। मामला जिला कुशीनगर के दुदही विकास खंड के बांसगांव चौरिया गांव के पूर्व मध्यमिक प्राथमिक पाठशाला का है। जहां दो प्राइमरी टीचर इसलिए पास में भिड़ गए क्योंकि दोनों को मिड डे मील में हुए घालमेल से बची कुछ हजार की रकम में ज्यादा हिस्सा चाहिए था।




गांव वालों की माने तो स्कूल में बच्चे तो गिने चुने आते हैं लेकिन मिड डे मील रजिस्टर में चढ़े सभी बच्चों के नाम चढ़ता है। मिड डे मील के लिए आने वाले राशन को बेंचकर जो पैसे मास्टरों के हाथ आते हैं उसी के बटवारे को लेकर दो अध्यापक आपस में ही भिड़ गए। बात तू—तू मैं—मैं से शुरू हुई जो देखते देखते हाथापाई में बदल गई। जिसमें एक मास्टर को चोट भी आई है।




प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो दोनों अध्यापक आपस में करीब आधे घंटे तक भिड़े रहे। गांव वालों ने बीच बचाव करने की कोशिश भी की लेकिन तब तक एक अध्यापक को दूसरे अध्यापक ने चोट पहुंचा दी थी। जिसके बाद मामला विशुनपुरा पुलिस थाने पहुंचा। जहां पुलिस ने दोनों अध्यापकों की ओर से मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना कि शिकायत दर्ज कर मामले की तफ्तीश की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




फिलहाल ये कहना गलत नहीं होगा कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील की योजना को लेकर बेहद गंभीर हैं। इसके बावजूद अध्यापक इस योजना में ना केवल बट्टा लगा रहे हैं बल्कि उससे होने वाली काली कमाई के बटवारे के लिए अध्यापक जैसे सम्मान जनक अहोदे की गरिमा को भी धूमिल कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस को मारपीट के मामले में भले ही कोई कार्रवाई न करनी पड़े लेकिन मिड डे मील में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर दोनों अध्यापकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि इस वाकये से अन्य अध्यापकों को भी इस घटना से सीख मिल सके।

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