प्रधानमंत्री इमरान खान का कबूलनामा : पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ

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प्रधानमंत्री इमरान खान का कबूलनामा : पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ

नई दिल्ली। आतंकवाद के मुद्दे पर विश्व पटल पर घिरे पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने अपने मुल्क में आतंकी संगठनों की मौजूदगी स्वीकार की। इसके साथ ही उन्होंने माना कि, पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इमरान खान का दावा है कि जैश-ए-मोहम्मद ना सिर्फ पाकिस्तान में मौजूद है, बल्कि कश्मीर में भी यह आतंकी संगठन काम करता है। इमरान के इस बयान से साफ हो गया है कि पुलवामा हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था, जिसका सरगना मौलाना मसूद अजहर है।

Prime Minister Imran Khans Confession Jism E Mohammeds Hand In Pulwama Attack :

बता दें कि, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर अपनी जमीन पर जैश-ए-मोहम्मद की मौजूदगी को नकारता रहा। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी उसकी सिफारिश पर चीन ने मसूद अजहर के ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने का विरोध किया था। इसके साथ ही इमरान खान ने यह कबूला कि उनके देश में 40 अलग-अलग आतंकी संगठन संचालित हो रहे थे।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकारों ने अमेरिका को ये सच्चाई नहीं बताई, विशेष रूप पिछले 15 सालों में। गौरतलब है कि, 14 फरवरी को जन्मू—कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इस घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ ठोस सुबूत दिए थे।

इसके बाद भी वह जैश-ए-मोहम्मद पर कार्रवाई करने से कतराता रहा। इतना ही नहीं जिन आतंकी अड्डों से इस हमले की साजिश रची गई थी, वहां बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने एयरस्ट्राइक की थी और उन ठिकानों को नष्ट कर दिया था। सिर्फ पुलवामा ही नहीं बल्कि न्यूयॉर्क में हुए 9/11 आतंकी हमले को लेकर भी इमरान खा ने टिप्पणी की, उन्होंने कहा कि उस हमले का पाकिस्तान से कोई लेना देना नहीं है।

नई दिल्ली। आतंकवाद के मुद्दे पर विश्व पटल पर घिरे पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने अपने मुल्क में आतंकी संगठनों की मौजूदगी स्वीकार की। इसके साथ ही उन्होंने माना कि, पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इमरान खान का दावा है कि जैश-ए-मोहम्मद ना सिर्फ पाकिस्तान में मौजूद है, बल्कि कश्मीर में भी यह आतंकी संगठन काम करता है। इमरान के इस बयान से साफ हो गया है कि पुलवामा हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था, जिसका सरगना मौलाना मसूद अजहर है। बता दें कि, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर अपनी जमीन पर जैश-ए-मोहम्मद की मौजूदगी को नकारता रहा। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी उसकी सिफारिश पर चीन ने मसूद अजहर के ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने का विरोध किया था। इसके साथ ही इमरान खान ने यह कबूला कि उनके देश में 40 अलग-अलग आतंकी संगठन संचालित हो रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकारों ने अमेरिका को ये सच्चाई नहीं बताई, विशेष रूप पिछले 15 सालों में। गौरतलब है कि, 14 फरवरी को जन्मू—कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के पीछे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इस घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ ठोस सुबूत दिए थे। इसके बाद भी वह जैश-ए-मोहम्मद पर कार्रवाई करने से कतराता रहा। इतना ही नहीं जिन आतंकी अड्डों से इस हमले की साजिश रची गई थी, वहां बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने एयरस्ट्राइक की थी और उन ठिकानों को नष्ट कर दिया था। सिर्फ पुलवामा ही नहीं बल्कि न्यूयॉर्क में हुए 9/11 आतंकी हमले को लेकर भी इमरान खा ने टिप्पणी की, उन्होंने कहा कि उस हमले का पाकिस्तान से कोई लेना देना नहीं है।