कानपुर में बोले पीएम मोदी- यूपी में चल पड़ी है परिवर्तन की आंधी

कानपुर| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कानपुर में परविर्तन रैली को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि पिछले दिनों में मुझे उत्तर प्रदेश में जहां जहां जाने का सौभाग्य मिला है मैं देख रहा हूं कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की लहर नहीं परिवर्तन की आंधी चल पड़ी है। ऐसा लग रहा है कि आने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश का हर नागरिक परिवर्तन का संकल्प पूर्ण करने के लिए जी जान से जुट गया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास अनेक प्रकार की नई योजनाएं खासकर उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए है, उनके पास नई उर्जा है अगर उनके हाथ हुनर आ जाए तो वह देश को नई ऊर्जा और उड़ान दे सकता हैं इसलिए​ ​हमने स्किल इंडिया का शुभारंभ किया है। मोदी ने कहा कि देश और दुनिया में आने वाले दिनों में जिनके पास युवा धन है वह अपनी ताकत दिखा सकता है। अपना अस्तित्व सिद्ध कर सकता है।



मोदी ने कहा कि भारत सौभाग्यशाली है कि उसके पास 35 साल की उम्र वाली आबादी 30 प्रतिशत से ज्यादा है। युवाओं को हुनर मिल जाए तो देश की गरीबी दूर करने में समय नहीं लगेगा। मोदी ने कहा कि हमने गैस पाइपलाइन कार्यक्रम का लोकार्पण किया ये प्रोजेक्ट एनर्जी प्रोजेक्ट हैं ये प्रोजेक्ट आर्थिक गति लाने का काम करते हैं। मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 30 साल बाद देश को स्थि​र सरकार देने का काम ​किया है। स्थिर सरकार न होने से निर्णय नहीं हो पाते थे। एक दूसरे को संभालने में ही समय गुजर जाता था। देश संभालने के लिए समय ही नहीं था। आज दिल्ली में आपने ऐसी सरकार बनाई है जो गरीबों को समर्पित है। पहले दिन से जो योजनाएं लाई गईं हैं वे गांव गरीब किसान, पीड़ित, शोषित, वंचित, मांऐं, युवा और पिछड़े लोगों के लिए बनीं हैं।

मोदी ने कहा कि हम देश को कालेधन से मुक्त, भ्रष्टाचार से मुक्त करने की लड़ाई लड़ रहे हैं जबकि उनका एजेंडा है कि संसद बंद हो। पूरा महीना संसद नहीं चलने दी। राष्ट्रपति के कहने पर भी नहीं चलने दी। चर्चा नहीं करने दी। उन्हें डर था कि सरकार जिन विषयों पर चर्चा करेगी उससे पिछली सरकारों को हिसाब देना पड़ेगा। इसलिए लोग हो हल्ला करते रहे कागज उड़ाते रहे। संसद की गरिमा को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए चोट पहुंचाने का प्रयास किया गया। देश को समझना होगा कि संसद पहले भी रूकती थी, तब विरोधी दल बेईमानों के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहते थे। घोटालेबाजों को बेनकाब करना चाहते थे। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ जब बेईमानों को बचाने के लिए संसद रोकी गई है।




मोदी ने कहा कि देश दो हिस्सों में बंटा हुआ है| एक ओर मुट्ठी भर नेता हैं जो बेईमानों को बचाने में लगे हैं दूसरी ओर वो हिन्दुस्तान है जो ईमानदारी के रास्ते पर चलने के लिए कुछ भी दर्द और तकलीफ उठाने को तैयार है। ये कालाधन वही है जिसने मध्यमवर्ग का शोषण किया है। आज दिल्ली में बैठी सरकार मध्यमवर्ग को शोषण से मुक्त करना चाहती हैं। बेईमानों को सजा देना चाहती है। जिन लोगों को बेईमानी की आदत पड़ी है उनसे लोगों को उम्मीद नहीं रही है।

मोदी ने कहा कि यूपी में हर कोई गुंडागर्दी कर रहा है। लखनऊ में सरकार नहीं बदलोगे तो गुंडागर्दी करने वाले नहीं सुधरने वाले। सामान्य लोगों को परेशान करने वाले लोग चुप बैठने वाले नहीं है। ईमानदारी के रास्ते पर चलने वाला आदमी उत्तर प्रदेश में परिवर्तन लाने का संकल्प ले चुका है। चुनाव आयोग का अभिनंदन करते हुए मोदी ने कहा कि देश के राजनीतिक दलों को कालेधन से मुक्ति के लिए आव्हान किया है। देश ईमानदारी चाहता है। राजनीतिक दलों नेताओं के प्रति जनता के दिल में अविश्वास भरा पड़ा है। हमारा प्रयास है कि हम जनता को विश्वास दिला सकें। मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव अलग अलग होते हैं। जिससे देश पर भारी आर्थिक दवाब पड़ता है। कालेधन वालों को इससे मौका मिलता है। क्यों न देश में ऐसा माहौल बनाया जाए कि दोनों चुनाव एक साथ करवाए जाए लेकिन सदन नहीं चलने दिया गया| दो बातें ऐसी थी जिस पर राजनीतिक दल चर्चा नहीं करना चाहते थे।




मोदी ने कहा कि हमें भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई हर हालत में जीतनी है। हमारे देश की आजादी के मूल में यही बिमारी है जिसने गरीब को गरीब रहने के लिए मजबूर किया है। हमें एक सिपाही की तरह देश के उज्जवल भविष्य के लिए काम करना होगा। नोटबंदी के निर्णय से कैसे-कैसे लेागों के पसीने छूट गए ये सब जानते हैं। जिन लोगों ने गरीबों को लूटा है वे आज गरीबों के द्वार पर लाइन लगाकर खड़े हैं। पुराने नोट बदल दो कहते हैं। जब 1000 का नोट था तो 100 के नोट को कोई पूछता नहीं था। अब 1000 की नोट बंद हो गई तो छोटे नोट को भी पूछा जा रहा है और छोटे आदमी को भी।

देश की जनता को कभी हिसाब ने देना, खुद के फायदे के लिए जो बने उसे करते रहना, अब तक ऐसा ही चल रहा था लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। कितने प्रधानमंत्री बने उत्तर प्रदेश में लेकिन 1600 गांव करीब ऐसे थे जिनमें 21वीं सदी तक बिजली का खंभा नहीं पहुंचा, बिजली के तार नहीं पहुंचे। अखिर इन गांवों का क्या दोष था। आज यूपी के उन गांवों में मैने अपने वादे के मु​ताबिक 70 से 80 गांवों को छोड़कर सभी में बिजली पहुंचा दी है। 70 में से 50 गांवों में लोग नहीं रहते और जो बचे हैं उनमें काम तेजी से चल रहा है।

मोदी ने कहा कि एक समय था कि गैस कनेक्शन लेना कठिन था। गरीब महिलाओं ने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें कभी गैस सिलेंडर मिलेगा भी, लेकिन केन्द्र सरकार ने बीड़ा उठाया है कि लकड़ी का चूल्हा अब गरीबी सीमा से नीचे वाले घरों में नहीं जलेगा। करीब 35 लाख घरों में सिलेंडर पहुंच भी गया है। बच्चों और मांओं को धुंए से निजात मिल गई है। इतना ही नहीं 20-22 हजार करोड़ का गन्ना किसानों का बकाया सरकार ने निपटाने का काम किया है। जिसका असर दिख रहा है कि यूपी की गन्ना मिलें काम करने लगीं हैं। इस साल समय से गन्ने की पिराई शुरू हो गई है। इसे काम करना कहते हैं। मोदी ने कहा कि नोटबंदी के फैसले से अच्छे अच्छों का खेल खत्म हो गया है\ कुछ लोगों को लगता था कि बैंक में पैसे डाल दिए तो सफेद हो जाएंगे। लेकिन वे गलती कर गए वे फंस गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से देखा जा रहा है। लोग पकड़े जा रहे हैं। पूरे देश में गरीबों को लूटने वालों को पकड़ा जा रहा है। ये लड़ाई ईमानदारी की है। ये सरकार ईमानदारों की भलाई करने वाली है।




मोदी ने कहा कि देशवासियों को इस फैसले से जो भी सहना पड़ा है उसकी दर्द वह समझते हैं। ये कष्ट देशवासियों ने अपने स्वार्थ के लिए नहीं देश के स्वार्थ और भलाई के लिए झेला है इसलिए देशवासियों को पूरा भरोसा रखने की जरूरत है कि उन्हें निराश नहीं होना पड़ेगा क्योंकि आपके साथ प्रमाणिकता है। आपके साथ 50 दिनों तक दिक्कत आएगी ये पहले दिन ही कहा था। 50 दिन के बाद आपकी कठनाई कम होना शुरू हो जाएगी। विरोधी कहते हैं कि लोगों का बैंक में खाता नहीं है दूसरी ओर कहते हैं कि गरीब पैसा लेने जाता है तो मिलता नहीं है। ऐसा कैसे हो सकता है इनमें से एक ही बात सच हो सकती है। यही लोग कहते थे कि राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते कम्प्यूटर लाया और मोबाइल लाया, लेकिन जब आज सरकार कहती है कि उस मोबाइल को बटुआ बना लो तो यही लोग कहते हैं कि मोबाइल है कहां। कल चुनाव में जिस मोबाइल का ढिंढोरा पीटा जाता था वही मोबाइल गायब हो जाता है। ऐसा कैसे संभव है।

Loading...