बेईमानी का हर रास्ता बंद करेंगे: मोदी

मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद में शनिवार को परिवर्तन रैली को संबोधित करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी को लेकर विरोध कर रहे अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नोटबंदी लागू हुई उसके लिए लोग उन्हें गुनेहगार साबित करने में लगे हैं। विरोधी नोटबंदी से पहले मनी—मनी जप रहे थे अब मोदी मोदी जप रहे हैं।




अपने भाषण में जन धन खातों में पहुंचे कालेधन की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब आदमी को अपने खाते से पैसा निकालने की जरूरत नहीं है। जिनके खाते में रकम आ गई है वे लोग अगर दबाव में आए बिना पैसे को खाते में पड़ा रहने दें तो वह एक ऐसी योजना ला रहे हैं जिससे जनधन खातों में आया धन खाता धारक का ही होकर रह जाए और काला धन जमा करवाने वाला जेल जाएगा।

उन्होंने कहा कि आम आदमी को जो कष्ट हो रहा है, उसे वह महसूस कर रहे हैं। देशवासी देश के लिए कष्ट झेल रहा है। देश का सामान्य आदमी बेईमानी से तंग आ चुका है। आज सवा सौ करोड़ लोगों ने ईमानदारी की लड़ाई की जिम्मेदारी को अपने कंधों पर उठा लिया है। इससे ज्यादा कुछ नहीं हो सकता।




नोटबंदी को बेईमानी के खिलाफ लड़ाई करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को ईमानदारी के रास्ते पर ले जाने के जितने भी रास्ते उन्हें बूझेंगे वह उन सब को अपनाएंगे। बेईमानी के हर रास्ते को बंद करना उनकी प्राथमिकता होगी। इस दिशा में सबसे बड़ी पहल कैशलेस लेनदेन के जरिए होगी। नोटबंदी का प्रायोजन केवल कालेधन को काली कमाई को बाहर लाना नहीं है। इसका मकसद भविष्य में काला धन तैयार न हो इस बात पर भी हमें पूरा ध्यान देना है।

उन्होंने कहा कि अब वक्त बदल चुका है। मोबाइल में ही आपका बैंक आ गया है, आपका मोबाईल ही आपका बटुआ है। आप जो चाहें खरीद सकते हैं। सारी सुविधाएं आ चुकी हैं। आप अपने एटीएम कार्ड से खरीददारी कर सकते हैं। सरकार नोटों का प्रयोग कम से कम करना चाहती है। सरकार जितना ज्यादा नोट छापती है भ्रष्टाचार और बेईमानी उतनी ही ज्यादा पनपती है। बेईमानी को खत्म करने के लिए कैशलेस होना पड़ेगा।

अपने विरोधियों के द्वारा कैशलेस लेनदेनों पर उठाए सवालों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग कहते हैं कि हमारा देश गरीब है। हमारा देश अनपढ़ है, लोगों को कुछ आता नहीं है। उन्हें नहीं पता कि दुनिया के देश आज भी वैलट पेपर पर नाम पढ़कर ढ़प्पा लगाते हैं, अमेरिका तक में ठप्पा लगता है, लेकिन हमारे देश का गरीब बटन दबाकर वोट करता है। आप उसी वोटर को अनपढ़ कह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत परिवर्तन को स्वीकार करने वाला देश है। यहां करोड़ों लोगों ने एकबार कहने पर एलईडी बल्ब लगा लिया है। मोबाइल से लेनदेन करना भी आ जाएगा। भारत की आबादी का 65 फीसदी हिस्सा 35 वर्ष की आयु सीमा के भीतर की है। ऐसा युवा देश जो चाहे वो परिवर्तन ला सकता है। अगर कैशलेस पहल के तहत 40 करोड़ लोग भी कैशलेस लेनदेन करने लगे तो बड़ा परिवर्तन आएगा। भारत 21वीं सदी में डिजिटल इंडिया बनने को तैयार है।

नोटबंदी से आम आदमी को हो रही परेशानी पर आभार प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आम आदमी की तकलीफ मेरी तकलीफ है। किसानों की तकलीफ आम आदमी की तकलीफ दूर करने के लिए वह रात दिन काम में जुटे हैं। उन्हें गर्व है देश के किसानों पर जिन्होंने इस समय में भी बुआई में कमी नहीं आने दी इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा ज्यादा बुआई हुई है। जो लोग इस बात को नहीं जानते वे किसानों के नाम पर तरह तरह के दावे कर रहे हैं।