प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक खत्म, मोदी बोले-मतभेदों को नहीं बनने देंगे विवाद

Xi Jinping's
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक खत्म, मोदी बोले-मतभेदों को नहीं बनने देंगे विवाद

नई दिल्ली। तमिलनाडु के शहर महाबलीपुरम में भारत और चीन के नए रिश्ते की शुरूआत हुई। पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत चली। इसके बाद दोनों पड़ोसियों के इस ​रिश्ते को ‘चेन्नै कनेक्ट’ नाम दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि, दोनों देश पिछले दो हजार सालों के अधिकतर कालखंड में आर्थिक महशक्ति रहे हैं और दोबारा इस ओर बढ़ रहे हैं।

Prime Minister Narendra Modi And Chinese President Xi Jinpings Meeting Ends :

पीएम ने पिछले साल वुहान बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि मतभेदों को विवाद की वजह नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि, एक दूसरे की चिंताओं का ख्याल भी दोनों देश रखेंगे। वहीं, चीनी राष्ट्रपति भी अपने संबोधन में अपने स्वागत से अभिभूत नजर आए। इसके बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधमंडल स्तर की बातचीत हुई। इसमें भारत की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव विजय गोखले मौजूद रहे।

इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि, चीन और तमिलनाडु राज्य के बीच गहर सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। पिछले दो हजार वर्षों के अधिकांश कालखंड में भारत और चीन दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियां थीं। वहीं इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि, मैंने दोस्तों की तरह खुलकर बातचीत की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों पर भी बातचीत की।

उन्होंने कहा कि हम वास्तव में आपके अतिथि सतकार से अभिभूत हैं। मैंने और मेरे साथियों ने बहुत दृढ़ता से महसूस किया है। यह मेरे और हमारे लिए एक यादगार अनुभव होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वुहान शिखर सम्मेलन ने हमारे संबंधों में एक नई गति और विश्वास पैदा किया और आज का ‘चेन्नई विजन’ भारत-चीन संबंधों में एक नए युग की शुरुआत है।

नई दिल्ली। तमिलनाडु के शहर महाबलीपुरम में भारत और चीन के नए रिश्ते की शुरूआत हुई। पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत चली। इसके बाद दोनों पड़ोसियों के इस ​रिश्ते को 'चेन्नै कनेक्ट' नाम दिया गया। पीएम मोदी ने कहा कि, दोनों देश पिछले दो हजार सालों के अधिकतर कालखंड में आर्थिक महशक्ति रहे हैं और दोबारा इस ओर बढ़ रहे हैं। पीएम ने पिछले साल वुहान बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि मतभेदों को विवाद की वजह नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि, एक दूसरे की चिंताओं का ख्याल भी दोनों देश रखेंगे। वहीं, चीनी राष्ट्रपति भी अपने संबोधन में अपने स्वागत से अभिभूत नजर आए। इसके बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधमंडल स्तर की बातचीत हुई। इसमें भारत की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव विजय गोखले मौजूद रहे। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि, चीन और तमिलनाडु राज्य के बीच गहर सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। पिछले दो हजार वर्षों के अधिकांश कालखंड में भारत और चीन दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियां थीं। वहीं इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि, मैंने दोस्तों की तरह खुलकर बातचीत की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम वास्तव में आपके अतिथि सतकार से अभिभूत हैं। मैंने और मेरे साथियों ने बहुत दृढ़ता से महसूस किया है। यह मेरे और हमारे लिए एक यादगार अनुभव होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वुहान शिखर सम्मेलन ने हमारे संबंधों में एक नई गति और विश्वास पैदा किया और आज का 'चेन्नई विजन' भारत-चीन संबंधों में एक नए युग की शुरुआत है।