एक साथ सियासी मंच पर दिखेंगे PM मोदी और ​नीतीश, दस वर्षों के बाद दिखेगा ऐसा नजारा

pm modi and cm nitish
एक साथ सियासी मंच पर दिखेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ​नीतीश, दस वर्षों के बाद दिखेगा ऐसा नजारा

पटना। सियातस में कोई किसी का दोस्त नहीं और कोई किसी का दुश्मन भी नहीं। राजनी​त में यह अक्सर देखने को मिलता है। 2015 में हुए बिहार के विधानसभा चुनाव में यह देखने को मिला था, जब सीएम नीतीश ने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा था लेकिन समय बीतते ही वह एक दूसरे के साथ आ गए। अब प्रधानमंत्री ​और सीएम ​नीतीश दस वर्षों के बाद एक साथ राजनैतिक मंच साझा करेंगे। दोनों पटना के गांधी मैदान में आयोजित संकल्प रैली को संबोधित करते दिखेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पटना के गांधी मैदान में आयोजित एनडीए की रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान मंच पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी होंगे। विजय संकल्प रैली को लेकर यहां के लोगों की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद वहां की राजनी​त बदल चुकी है। पहले सीएम ​नीतीश प्रधानमंत्री पर निशाना साधते थे लेकिन अब वह एक दूसरे की तारीफ करने में पीछे नहीं हटते। बिहार में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड की गठबंधन सरकार है। बिहार की बदलती राजनीत को लेकर गांधी मैदान में आयोजित यह रैली वहां एक नया सियासी समीकरण बनायेगी।

Prime Minister Narendra Modi And Nitish Will Appear On Political Stage Together After Ten Years :

अकेले ही मंच पर दिखते थे नी​तीश
2005 से 2013 तक बिहार में एनडीए के मुख्मंत्री पद के उम्मीदवार बनने के बाद नीतीश अकेले ही मंच पर रैलियों को संबोधित करते दिखे हैं, जबकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव प्रसार का हिस्सा नहीं बनाया। गांधी मैदान में आयोजित होने वाली रैली को बीजेपी, जेडीयू और लोक जनशक्ति पार्टी मिलकर आयोजित कर रही है।

इसी मैदान में रैली के दौरान हुआ था धमाका

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2014 में गांधी मैदान में आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरन वहां पर धमाका हुआ था। इसको लेकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया गया है। इसके लिए 4 हजार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया है। भीड़ भाड़ वाले स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दी गयी है। पुलिस और खुफिया टीम संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि रैजली में भीड़ काफी संख्या में जुट सकती है। सुरक्षा के कारणों से वहां पर बोतल, टिफिन समेत कई अन्य वस्तुओं को ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

पटना। सियातस में कोई किसी का दोस्त नहीं और कोई किसी का दुश्मन भी नहीं। राजनी​त में यह अक्सर देखने को मिलता है। 2015 में हुए बिहार के विधानसभा चुनाव में यह देखने को मिला था, जब सीएम नीतीश ने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा था लेकिन समय बीतते ही वह एक दूसरे के साथ आ गए। अब प्रधानमंत्री ​और सीएम ​नीतीश दस वर्षों के बाद एक साथ राजनैतिक मंच साझा करेंगे। दोनों पटना के गांधी मैदान में आयोजित संकल्प रैली को संबोधित करते दिखेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पटना के गांधी मैदान में आयोजित एनडीए की रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान मंच पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी होंगे। विजय संकल्प रैली को लेकर यहां के लोगों की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद वहां की राजनी​त बदल चुकी है। पहले सीएम ​नीतीश प्रधानमंत्री पर निशाना साधते थे लेकिन अब वह एक दूसरे की तारीफ करने में पीछे नहीं हटते। बिहार में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड की गठबंधन सरकार है। बिहार की बदलती राजनीत को लेकर गांधी मैदान में आयोजित यह रैली वहां एक नया सियासी समीकरण बनायेगी।

अकेले ही मंच पर दिखते थे नी​तीश
2005 से 2013 तक बिहार में एनडीए के मुख्मंत्री पद के उम्मीदवार बनने के बाद नीतीश अकेले ही मंच पर रैलियों को संबोधित करते दिखे हैं, जबकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव प्रसार का हिस्सा नहीं बनाया। गांधी मैदान में आयोजित होने वाली रैली को बीजेपी, जेडीयू और लोक जनशक्ति पार्टी मिलकर आयोजित कर रही है।

इसी मैदान में रैली के दौरान हुआ था धमाका

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2014 में गांधी मैदान में आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरन वहां पर धमाका हुआ था। इसको लेकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया गया है। इसके लिए 4 हजार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया है। भीड़ भाड़ वाले स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दी गयी है। पुलिस और खुफिया टीम संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि रैजली में भीड़ काफी संख्या में जुट सकती है। सुरक्षा के कारणों से वहां पर बोतल, टिफिन समेत कई अन्य वस्तुओं को ले जाने की अनुमति नहीं होगी।