प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार्टेड एकाउंटेंट्स की दुखती रग पर रखा हाथ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी को लेकर दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कारोबारियों और चार्टेड एकाउंटेंट्स को संबोधित करते हुए जो बाते कहीं वे कहीं न कहीं सारे देश के लिए चिंता का विषय होनी चाहिए। विशेषकर उन पेशेवर लोगों के लिए जिनकी मदद से सक्षम लोग टैक्स चोरी करते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण से सरकार की नियत तो साफ कर दी लेकिन चार्टेड एकाउंटेंट्स को भी संदेश दे ​डाला कि सबसे ज्यादा सुधार की जरूरत उनके पेशे में है। उन्हें अपने क्लाइंट्स से ज्यादा देश की युवा पीढ़ी के लिए सोचना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने टैक्स पेयर्स का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे देश में केवल 38 लाख लोग ऐसे हैं जो अपनी आमदनी 10 लाख से ऊपर बताते हैं, जबकि 2 करोड़ लोग हर साल विदेश यात्रा पर जाते हैं। करोड़ों मंहगी गाड़ियां खरीदी जातीं हैं। ये आंकड़े बेहद चिंता का विषय है।

प्रधानमंत्री ने चार्टेड एकाउंटेंट्स से पेशे में ईमानदारी लाने की अपील करते हुए कहा कि पिछले 11 सालों में केवल 25 चार्टेड एकाउंटेंट्स के खिलाफ कार्रवाई हुई। 1400 मामले लंबित हैं। यहां कोई तो है जिसने नोटबंदी के दौरान कंपनियों की मदद की है। उनको सोचना होगा कि वे क्या कर रहे हैं? क्या वे लोग देश में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था लाने में मदद करेंगे? क्या वे अपने क्लाइंट्स को ईमानदारी से टैक्स भरने के लिए प्रेरित करेंगे?

उन्होंने कहा कि चार्टेड एकाउंटेंट्स को सोचना होगा कि उन्होंने कितने लोगों को ईमानदारी से टैक्स भरने के लिए प्रेरित किया। वे कैसे लोगों को ईमानदारी से टैक्स भरने की धारा में लाएंगे।

प्रधानमंत्री ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 3 लाख रजिस्टर्ड कंपनियां हैं जिनका लेन देन शक के घेरे में है। 30 जून तक 1 लाख कंपनियों को कंपनी रजिस्ट्रार ने हटा दिया है। 36 हजार शेल कंपनियों की पहचान की गई है, जो कालेधन को छुपातीं हैं और हवाला के कारोबार के लिए प्रयोग में लाई जातीं हैं।

चार्टेड एकाउंटेंट्स से अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कि सवा सौ करोड़ देशवासियों ने जो भरोसा आप पर किया है उसे मत टूटने दीजिये। अगर आपको लगता है कि भरोसा टूट चुका है तो मन में विश्वास रखिए और उस भरोसे को दोबारा से संबल बनाने की कोशिश ​कीजिए।

उन्होंने कहा कि अगर चार्टेड एकाउंटेंट्स अपने हस्ताक्षर की ताकत पहचान लें तो निश्चित है कि कोई टैक्स चोरी की हिम्मत नहीं करेगा। एक चार्टेड एकाउंटेंट के हस्तक्षर से देश के गरीबों का कितना भला हो सकता है सोच कर देखिए, गरीबों की सेवा से बड़ा कुछ नहीं होता। आपकी मदद से कितने गरीबों को उनका अधिकार मिलेगा।