प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोले- दो साल में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोले- दो साल में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य

नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी आज मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में तीसरे ग्लोबल पॉटेटो कॉन्क्लेव को रिमोट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा 21वीं शताब्दी में भी कोई भूखा और कुपोषित न रहे, इसकी भी एक बड़ी जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक बायो टेक्नोलॉजी, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, ब्लॉक चेन, ड्रोन टेक्नोलॉजी का बेहतर प्रयोग कैसे किया सकता है। किसान और उपभोक्ता के बीच के बिचौलियों और उपज की बर्बादी को कम करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए परंपरागत कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। कि इस महीने के शुरुआत में, एक साथ 6 करोड़ किसानों के बैंक खातों में, 12 हजार करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर करके एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया है।

Prime Minister Narendra Modi Said The Goal Of Doubling The Income Of Farmers In Two Years :

फूड प्रोसेसिंग से जुड़े सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने भी अनेक कदम उठाए हैं। चाहे इस सेक्टर को सौ फीसदी एफडीआई के लिए खोलने का फैसला हो या फिर पीएम किसान संपदा योजना के माध्यम से वैल्यू एडिशन और वैल्यू चेन डेवलपमेंट में मदद, हर स्तर पर कोशिश की जा ही है। पीएम ने कहा कि साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर तेज़ी से कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों के प्रयास और सरकार की पॉलिसी के कॉम्बिनेशन का ही परिणाम है कि अनेक अनाजों और दूसरे खाने के सामान के उत्पादन में भारत दुनिया के टॉप-3 देशों में है।

गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी आलू अनुसंधान, व्यापार और उद्योग, और मूल्य श्रृंखला प्रबंधन के क्षेत्र में उपलब्धियों और अवसरों के बारे में समग्र दृष्टिकोण रखने और दशक के लिए एक रोडमैप निर्धारित करने की संभावना है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक दस साल के अंतराल पर आलू के क्षेत्र में उपलब्धियों पर कार्य करना और अगले दशक के लिए रोडमैप तैयार किया जाता है। बीते दो दशकों के दौरान 1999 और 2008 में दो वैश्विक आलू सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस कॉन्क्लेव के द्वारा सभी हितधाराकों को एक साझा मंच प्रदान किया जाता है, जिससे सभी विषयों पर चर्चा की जा सके।

गुजरात सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य
गुजरात पूरे देश में आलू के प्रमुख उत्पादकों में से एक है। बीते ग्यारह वर्षो में देश में आलू के क्षेत्र में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें से गुजरात में लगभग 170 प्रतिशत (2006-07 में 49.7 हजार हेक्टेयर, 2017-18 में 13.3 हजार हेक्टेयर) बढ़त दर्ज की गयी है। पिछले एक दशक में 30 टन / हेक्टेयर से अधिक की उत्पादकता के साथ गुजरात भारत में प्रथम स्थान पर रहा है। गुजरात देश के प्रमुख आलू प्रसंस्करण उद्योगों का केंद्र है। यह खेती के लिए आधुनिक विधियों के साथ स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन का प्रयोग करता है।

नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी आज मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में तीसरे ग्लोबल पॉटेटो कॉन्क्लेव को रिमोट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा 21वीं शताब्दी में भी कोई भूखा और कुपोषित न रहे, इसकी भी एक बड़ी जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक बायो टेक्नोलॉजी, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, ब्लॉक चेन, ड्रोन टेक्नोलॉजी का बेहतर प्रयोग कैसे किया सकता है। किसान और उपभोक्ता के बीच के बिचौलियों और उपज की बर्बादी को कम करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए परंपरागत कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। कि इस महीने के शुरुआत में, एक साथ 6 करोड़ किसानों के बैंक खातों में, 12 हजार करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर करके एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया है। फूड प्रोसेसिंग से जुड़े सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने भी अनेक कदम उठाए हैं। चाहे इस सेक्टर को सौ फीसदी एफडीआई के लिए खोलने का फैसला हो या फिर पीएम किसान संपदा योजना के माध्यम से वैल्यू एडिशन और वैल्यू चेन डेवलपमेंट में मदद, हर स्तर पर कोशिश की जा ही है। पीएम ने कहा कि साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर तेज़ी से कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों के प्रयास और सरकार की पॉलिसी के कॉम्बिनेशन का ही परिणाम है कि अनेक अनाजों और दूसरे खाने के सामान के उत्पादन में भारत दुनिया के टॉप-3 देशों में है। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी आलू अनुसंधान, व्यापार और उद्योग, और मूल्य श्रृंखला प्रबंधन के क्षेत्र में उपलब्धियों और अवसरों के बारे में समग्र दृष्टिकोण रखने और दशक के लिए एक रोडमैप निर्धारित करने की संभावना है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक दस साल के अंतराल पर आलू के क्षेत्र में उपलब्धियों पर कार्य करना और अगले दशक के लिए रोडमैप तैयार किया जाता है। बीते दो दशकों के दौरान 1999 और 2008 में दो वैश्विक आलू सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस कॉन्क्लेव के द्वारा सभी हितधाराकों को एक साझा मंच प्रदान किया जाता है, जिससे सभी विषयों पर चर्चा की जा सके। गुजरात सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य गुजरात पूरे देश में आलू के प्रमुख उत्पादकों में से एक है। बीते ग्यारह वर्षो में देश में आलू के क्षेत्र में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें से गुजरात में लगभग 170 प्रतिशत (2006-07 में 49.7 हजार हेक्टेयर, 2017-18 में 13.3 हजार हेक्टेयर) बढ़त दर्ज की गयी है। पिछले एक दशक में 30 टन / हेक्टेयर से अधिक की उत्पादकता के साथ गुजरात भारत में प्रथम स्थान पर रहा है। गुजरात देश के प्रमुख आलू प्रसंस्करण उद्योगों का केंद्र है। यह खेती के लिए आधुनिक विधियों के साथ स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन का प्रयोग करता है।