अलीगढ़ : इलाज न मिलने पर जिला कारागार में बंद कैदी ने की खुदकुशी

aligarh district jail
अलीगढ़: इलाज न मिलने पर जिला कारागार में बंद कैदी ने की खुदकुशी

अलीगढ़। एक तरफ योगी सरकार जिला कारागारों में बंद कैदियों के खाने से लेकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रही है, वही दूसरी तरफ उसके मातहत उसके मंसूबों पर पानी फेरने पर लगे हुए है। इसकी बानगी शुक्रवार अलीगढ़ जिला कारागार में देखने को मिली। जहां सजा काट रहे एक कैदी ने कई बार पेट मे दर्द की शिकायत जेल प्रशासन से की, बावजूद इसके उसे बेहतर इलाज मुहैया नही कराया गया। जिससे परेशान होकर कैदी ने शुक्रवार रात कैदी ने चादर के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

Prisoner Commits Suicide In Jail Premises Imvestigation Going On :

कैदी द्वारा जैसे ही खुदकुशी करने की खबर जैसे जेल प्रशासन को लगी तो वहां हड़कप मच गया। अधिकारी तुरन्त कैदी की बैरक में पहुंचे। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियोंने पूरे मामले की पूरी जांच कराने जाने की बात कही है। उनके मुताबिक इसमे जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिविल लाइन इलाके के जोहरा बाग निवासी मो. फुरकान (22) को क्वार्सी पुलिस ने एक दिन पहले एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया था। तब से वो जेल में बंद था। फुरकान ने जेल प्रशासन से कई बार पेट में दर्द होने की शिकायत की थी, लेकिन न तो जेल प्रसाशन ने उस पर कोई ध्यान दिया और न ही जेल अस्पताल के डाक्टरों ने। ​असहाय दर्द के चलते फुरकान अस्पताल के पिछले हिस्से में गया यहां पुराने पाइप पर अस्पताल के बेड की चादर का फंदा बनाया और लटककर जान दे दी

जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि कैदी मो.फुरकान को पेट दर्द की शिकायत पर जेल अस्पताल भेजा था, यहां उसने अस्पताल के पिछले हिस्से में चादर का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल पर भी कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अलीगढ़। एक तरफ योगी सरकार जिला कारागारों में बंद कैदियों के खाने से लेकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रही है, वही दूसरी तरफ उसके मातहत उसके मंसूबों पर पानी फेरने पर लगे हुए है। इसकी बानगी शुक्रवार अलीगढ़ जिला कारागार में देखने को मिली। जहां सजा काट रहे एक कैदी ने कई बार पेट मे दर्द की शिकायत जेल प्रशासन से की, बावजूद इसके उसे बेहतर इलाज मुहैया नही कराया गया। जिससे परेशान होकर कैदी ने शुक्रवार रात कैदी ने चादर के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।कैदी द्वारा जैसे ही खुदकुशी करने की खबर जैसे जेल प्रशासन को लगी तो वहां हड़कप मच गया। अधिकारी तुरन्त कैदी की बैरक में पहुंचे। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियोंने पूरे मामले की पूरी जांच कराने जाने की बात कही है। उनके मुताबिक इसमे जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सिविल लाइन इलाके के जोहरा बाग निवासी मो. फुरकान (22) को क्वार्सी पुलिस ने एक दिन पहले एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया था। तब से वो जेल में बंद था। फुरकान ने जेल प्रशासन से कई बार पेट में दर्द होने की शिकायत की थी, लेकिन न तो जेल प्रसाशन ने उस पर कोई ध्यान दिया और न ही जेल अस्पताल के डाक्टरों ने। ​असहाय दर्द के चलते फुरकान अस्पताल के पिछले हिस्से में गया यहां पुराने पाइप पर अस्पताल के बेड की चादर का फंदा बनाया और लटककर जान दे दीजेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि कैदी मो.फुरकान को पेट दर्द की शिकायत पर जेल अस्पताल भेजा था, यहां उसने अस्पताल के पिछले हिस्से में चादर का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल पर भी कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।