अस्पताल में बंधक बनी मां को डिस्चार्ज कराने के लिए 10 साल के बेटे ने मांगी भीख

पटना। बिहार के पटना से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों ने महिला मरीज से इलाज के नाम पर पैसो की मांग की और पूरी रकम ना मिलने पर उसे बंधक बना लिया। मामला बिहार के एक प्राइवेट अस्पताल का है जहां अपनी मां को अस्पताल से डिस्चार्ज करवाने और अस्पताल का बिल चुकाने के लिए 10 साल के कुन्दन ने गांव-गांव भटक कर भीख मांगी।

परिवान ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि अस्पताल से उन्हे 70 हजार रुपये का बिल मिला था जिसमें से आधे बिल का पैसा देकर मरीज को घर ले जाने का आग्रह किया। लेकिन अस्पताल ने महिला को घर जाने की अनुमति नहीं दी। महिला को नकई दिनों तक अस्पताल में रोके रखा और ऑपरेशन के बाद उसके टांके भी नहीं काटे। मामले की जानकारी जब रविवार को मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव को हुई पुलिस को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे और महिला की छुट्टी कराई।

जानिए पूरा मामला

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गर्भवती महिला और उसका परिवार मधेपुरा के हनुमान नगर इलाके में रहने वाले हैं। 16 दिन पहले उसके पेट में अचानक दर्द उठा। जिसके बाद परिवार उसे सहरसा के एक हॉस्पिटल में ले गए जहां डॉक्टरों ने बताया कि महिला के पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई है। इलाज के लिए महिला को पटना रिफर कर दिया।

5 हजार रुपए जमा कर महिला को पटना के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। यहां उसका ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों ने महिला का इलाज किया और इलाज के बाद परिवार वालों को 70 हजार का बिल थमा दिया। परिवारजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने आधा बिल चुकाने के बाद घर जाने की बात कही तो डॉक्टरों ने उन्हें रोक लिया। पूरे पैसे ना देने पर महिला के टांके तक नहीं काटे। अपनी मां की ऐसी हालत देख उनका 10 साल का बेटा कुंदन पैसा जुटाने के लिए गांव-गांव जाकर भीख मांगने लगा जिससे उसकी मां को अस्पताल से छुट्टी मिल सके।

मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव ने पुलिस और सिविल सर्जन को हॉस्पिटल बुलाकर डॉक्टरों से बात की। सिविल सर्जन ने जब दस्तावेजों की जांच की तो सामने आया कि हॉस्पिटल बिना लाइसेंस और परमिशन के चल रहा था। महिला का बकाया बिल माफ कराने के बाद उसे एम्बुलेंस से गांव भेजा गया। फिलहाल मामले की जांच के लिए अस्पताल के मालिक से पूछताछ की जा रही है।

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