1. हिन्दी समाचार
  2. खबरें
  3. मोदी के खिलाफ चुनाव न लडऩे की प्रियंका गांधी ने बतायी वजह, जानिए क्या है कारण

मोदी के खिलाफ चुनाव न लडऩे की प्रियंका गांधी ने बतायी वजह, जानिए क्या है कारण

By पर्दाफाश समूह 
Updated Date

लखनऊ। कांग्रेस की महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी ने रविवार को वाराणसी से चुनाव ना लडऩे की वजह को स्पष्ट किया। प्रियंका ने कहा कि पार्टी की ओर से यूपी की 41 सीटों पर उन्हें प्रचार अभियान की जिम्मेदारी दी गई थी ऐसे में सिर्फ एक सीट पर चुनाव लडऩे की स्थिति में उनके लिए सभी सीटों पर ध्यान लगाना संभव ना हो पाता।

पार्टी की ओर से पूर्वी यूपी की प्रभारी बनाई गईं प्रियंका ने समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि चुनाव अभियान की जिम्मेदारी को देखते हुए ही पार्टी ने सामूहिक रूप से यह फैसला किया कि फिलहाल मुझे वाराणसी में चुनाव नहीं लडऩा चाहिए। प्रियंका ने यह भी कहा कि कई सीटों पर पार्टी के प्रत्याशी मुझे अपना चुनाव प्रचार के लिए बुलाना चाहते थे। ऐसे में मैं किसी को भी निराश नहीं करना चाहती थी।

बता दें कि वाराणसी लोकसभा सीट पर पीएम मोदी को दोबारा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से ही यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि कांग्रेस यहां पर किसी राष्ट्रीय नेता को मोदी के खिलाफ चुनाव लड़वा सकती है। राजनीतिक चर्चाओं और तमाम संकेतों के बीच कांग्रेस पार्टी ने पीएम के नामांकन के एक दिन पहले प्रियंका के स्थान पर वाराणसी से पार्टी के नेता और पूर्व विधायक अजय राय को प्रत्याशी बना दिया।

अजय राय को प्रत्याशी बनाने के साथ ही प्रियंका के वाराणसी से चुनाव लडऩे की संभावना भी फिलहाल के लिए खत्म हो गई। भले ही तमाम लोगों ने इसे कांग्रेस पार्टी का पीएम नरेंद्र मोदी को वॉक ओवर बताया होए लेकिन प्रियंका गांधी ने यह स्पष्ट किया कि प्रभारी के तौर पर प्रचार की जिम्मेदारी और पूर्वांचल की अन्य सीटों पर चुनाव प्रबंधन की व्यस्तता के कारण ही उन्होंने चुनाव लडऩे का फैसला नहीं किया।

कांग्रेस ने वाराणसी से जिन अजय राय को पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रत्याशी बनाया है वह एक जमाने में भारतीय जनता पार्टी के विधायक रह चुके हैं। राय अब तक 2 लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं जिनमें एक में उन्होंने एसपी और दूसरे में कांग्रेस के टिकट पर दावेदारी की थी। साल 2014 में अजय राय ने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में दो बड़े नेताओं नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। 2014 में हुए चुनाव के दौरान वाराणसी में नरेंद्र मोदी को 5 लाख 81 हजार वोट मिले थे।

वहीं दूसरे नंबर पर रहे अरविंद केजरीवाल को 2 लाख 9 हजार 238 और तीसरे स्थान पर रहे अजय राय को 75 हजार 614 वोट मिल सके थे। माना जा रहा था कि अगर इस चुनाव में कांग्रेस प्रियंका को चुनावी मैदान में उतारती है तो वाराणसी का चुनाव बेहद दिलचस्प हो सकता है लेकिन ऐन वक्त पर कांग्रेस ने अजय राय को टिकट देकर इन संभावनाओं को खत्म कर दिया।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...