प्रियंका से मिलने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भरवाया जा रहा फार्म, जानिए क्यों

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लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ऐक्टिव मूड में नजर आ रही हैं। लगातार पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से उनकी बैठकों का दौर चल रहा है। वह हर जिले के कार्यकर्ताओं से सिलसिलेवार मीटिंग कर रही हैं। इस दौरान प्रियंका से मिलने आये कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एक फार्म भरवाया जा रहा है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Priyanka Gandhi Vadra Asks To Congress Workers Are You On Social Media :

दिलचस्प यह है कि इस फार्म में कार्यकर्ताओं के वॉट्सऐप नंबरए उपजाति और ट्विटर हैंडल का ब्योरा मांगा जा रहा है। कार्यकर्ताओं द्वारा भरवाए फार्म में सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़ी जानकारियां पूछना इस बात का साफ संकेत है कि प्रियंका यह जान चुकी हैं कि लोकसभा की जंग जीतने के लिए सोशल मीडिया कितना जरूरी है। इसलिए इस प्लैटफार्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने पर जोर दे रही हैं।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया प्रियंका की योजना चुनाव के लिए सोशल मीडिया का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने और साथ ही इसके माध्यम से कार्यकर्ताओं के साथ पर्सनल कनेक्शन की है। इस फार्म पर नाम, पते के साथ एक कॉलम में पूछा गया है कि क्या आप वॉट्सऐप या ट्विटर पर हैं। अगर हैं तो वॉट्सऐप नंबर और ट्विटर हैंडल के बारे में बताइए। हालांकि यह कॉलम ऑप्शनल है लेकिन माना जा रहा है कि यूपी कांग्रेस में ऐसा पहली बार हुआ है जब कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर सक्रियता पर सवाल पूछे जा रहे हैं।

दिलचस्प यह है कि खुद प्रियंका का ट्विटर हैंडल भी दो दिन पहले ही बना है। हालांकि अभी तक उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया है। ऐसा लग रहा है कि अपनी परंपरावादी सोच से आगे बढ़ते हुए कांग्रेस अब तेजी से सोशल मीडिया के महत्व को समझ रही है और इस पर सक्रिय भी है। बीजेपी की ही तर्ज पर कांग्रेस ने भी अपने सोशल मीडिया सेल बना लिए हैं और उसके अधिकतर नेता अब फेसबुक ट्विटर पर सक्रिय भी नजर आते हैं।

सोशल मीडिया अकाउंट्स के अलावा फर्म में जाति और उपजाति भी पूछी गई है। यानी कांग्रेस यह समझ चुकी है कि बिना कास्ट फैक्टर को पैमाना बनाए यूपी में चुनाव जीतना मुश्किल है। फर्म में एजुकेशन और पूर्व में पार्टी के किसी पद पर रहने के सवाल भी किए गए हैं।

फार्म में कार्यकर्ताओं को पार्टी की जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सुझाव देने के लिए भी कहा गया था। मीटिंग में शामिल एक कार्यकर्ता ने बताया शहरी इलाके से आए ज्यादातर कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं लेकिन दूर.दराज से आए कई कार्यकर्ताओं ने इसका नाम तक नहीं सुना है जबकि उनमें से अधिकतर वॉट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं।

लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ऐक्टिव मूड में नजर आ रही हैं। लगातार पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से उनकी बैठकों का दौर चल रहा है। वह हर जिले के कार्यकर्ताओं से सिलसिलेवार मीटिंग कर रही हैं। इस दौरान प्रियंका से मिलने आये कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एक फार्म भरवाया जा रहा है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दिलचस्प यह है कि इस फार्म में कार्यकर्ताओं के वॉट्सऐप नंबरए उपजाति और ट्विटर हैंडल का ब्योरा मांगा जा रहा है। कार्यकर्ताओं द्वारा भरवाए फार्म में सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़ी जानकारियां पूछना इस बात का साफ संकेत है कि प्रियंका यह जान चुकी हैं कि लोकसभा की जंग जीतने के लिए सोशल मीडिया कितना जरूरी है। इसलिए इस प्लैटफार्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने पर जोर दे रही हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया प्रियंका की योजना चुनाव के लिए सोशल मीडिया का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने और साथ ही इसके माध्यम से कार्यकर्ताओं के साथ पर्सनल कनेक्शन की है। इस फार्म पर नाम, पते के साथ एक कॉलम में पूछा गया है कि क्या आप वॉट्सऐप या ट्विटर पर हैं। अगर हैं तो वॉट्सऐप नंबर और ट्विटर हैंडल के बारे में बताइए। हालांकि यह कॉलम ऑप्शनल है लेकिन माना जा रहा है कि यूपी कांग्रेस में ऐसा पहली बार हुआ है जब कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर सक्रियता पर सवाल पूछे जा रहे हैं। दिलचस्प यह है कि खुद प्रियंका का ट्विटर हैंडल भी दो दिन पहले ही बना है। हालांकि अभी तक उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया है। ऐसा लग रहा है कि अपनी परंपरावादी सोच से आगे बढ़ते हुए कांग्रेस अब तेजी से सोशल मीडिया के महत्व को समझ रही है और इस पर सक्रिय भी है। बीजेपी की ही तर्ज पर कांग्रेस ने भी अपने सोशल मीडिया सेल बना लिए हैं और उसके अधिकतर नेता अब फेसबुक ट्विटर पर सक्रिय भी नजर आते हैं। सोशल मीडिया अकाउंट्स के अलावा फर्म में जाति और उपजाति भी पूछी गई है। यानी कांग्रेस यह समझ चुकी है कि बिना कास्ट फैक्टर को पैमाना बनाए यूपी में चुनाव जीतना मुश्किल है। फर्म में एजुकेशन और पूर्व में पार्टी के किसी पद पर रहने के सवाल भी किए गए हैं। फार्म में कार्यकर्ताओं को पार्टी की जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सुझाव देने के लिए भी कहा गया था। मीटिंग में शामिल एक कार्यकर्ता ने बताया शहरी इलाके से आए ज्यादातर कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं लेकिन दूर.दराज से आए कई कार्यकर्ताओं ने इसका नाम तक नहीं सुना है जबकि उनमें से अधिकतर वॉट्सऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं।