मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर प्रियंका गांधी का तंजलोग कष्ट में हैं…

priyanka gandhi
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर प्रियंका गांधी का तंजलोग कष्ट में हैं...

लखनऊ। पीएम मोदी के नेत्रत्व वाली बीजेपी सरकार के दूसरे कार्यकाल की आज पहली वर्षगांठ है. भाजपा जहां अपनी उपलध्यिों का गुंणगान कर रही है वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार-2 के एक साल के जश्न पर करारा प्रहार किया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में सुसाइड के एक मामले को उठाते हुए यह कहा है कि हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग आज इसी तरह कष्ट में हैं.

Priyanka Gandhis Taunts Are In Pain On The First Anniversary Of The Second Term Of Modi Government :


एक दुखद घटना में उत्तर प्रदेश के भानु गुप्ता ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली थी. उसने अपने सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी का हवाला दिया है कि काम बंद हो चुका है, लॉकडाउन बढ़ता जा रहा है. यह शख्स खुद बीमार था और अपनी बीमार मां का भी इलाज कराना चाहता था.

उसने अपने सूसाइड नोट में लिखा है कि सरकार से केवल राशन मिलता था, और भी तो चीजें खरीदनी पड़ती हैं, और भी जरूरतें होती हैं. जबकि प्रियंका गांधी ने आगे लिखा है कि ये पत्र शायद आज एक साल के जश्न वाले पत्र की तरह ‘गाजे बाजे के साथ’ आपके पास न पहुंचे, लेकिन इसको पढ़िए जरूर. हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग आज इसी तरह कष्ट में हैं.

भानू गुप्ता ने अपने सूसाइड नोट में लिखा है कि मुझे खांसी, सांस की तकलीफ, जोड़ों का दर्द, दौरा और अत्यधिक कमजोरी, चलना दूभर, चक्कर आदि हैं. मेरी विधवा मां भी दो साल से खांसी बुखार से पीड़ित हैं. तड़प-तड़प कर जी रहे हैं. लॉकडाउन बराबर बढ़ता जा रहा है. नौकरी कहीं मिल नहीं रही है. जो कुछ है उससे खर्चा चलाएं और फिर इलाज कराएं. हमें न कोई शासन का सहयोग मिला.’

लखनऊ। पीएम मोदी के नेत्रत्व वाली बीजेपी सरकार के दूसरे कार्यकाल की आज पहली वर्षगांठ है. भाजपा जहां अपनी उपलध्यिों का गुंणगान कर रही है वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार-2 के एक साल के जश्न पर करारा प्रहार किया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में सुसाइड के एक मामले को उठाते हुए यह कहा है कि हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग आज इसी तरह कष्ट में हैं. एक दुखद घटना में उत्तर प्रदेश के भानु गुप्ता ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली थी. उसने अपने सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी का हवाला दिया है कि काम बंद हो चुका है, लॉकडाउन बढ़ता जा रहा है. यह शख्स खुद बीमार था और अपनी बीमार मां का भी इलाज कराना चाहता था. उसने अपने सूसाइड नोट में लिखा है कि सरकार से केवल राशन मिलता था, और भी तो चीजें खरीदनी पड़ती हैं, और भी जरूरतें होती हैं. जबकि प्रियंका गांधी ने आगे लिखा है कि ये पत्र शायद आज एक साल के जश्न वाले पत्र की तरह ‘गाजे बाजे के साथ’ आपके पास न पहुंचे, लेकिन इसको पढ़िए जरूर. हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग आज इसी तरह कष्ट में हैं. भानू गुप्ता ने अपने सूसाइड नोट में लिखा है कि मुझे खांसी, सांस की तकलीफ, जोड़ों का दर्द, दौरा और अत्यधिक कमजोरी, चलना दूभर, चक्कर आदि हैं. मेरी विधवा मां भी दो साल से खांसी बुखार से पीड़ित हैं. तड़प-तड़प कर जी रहे हैं. लॉकडाउन बराबर बढ़ता जा रहा है. नौकरी कहीं मिल नहीं रही है. जो कुछ है उससे खर्चा चलाएं और फिर इलाज कराएं. हमें न कोई शासन का सहयोग मिला.’