आरक्षण मसले पर बोली प्रियंका वाड्रा, जनपक्षधर कानूनों का गला घोंट रही मौजूदा सरकार

priyanka gandhi
आरक्षण मसले पर बोली प्रियंका वाड्रा, जनपक्षधर कानूनों का गला घोंट रही मौजूदा सरकार

नई दिल्ली। आरक्षण पर सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा’ से जुड़ी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी और बाद में उस पर संघ की सफाई की पृष्ठभूमि में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि मौजूदा सरकार में जनपक्षधर कानूनों का गला घोंटा जा रहा है। यहीं नहीं उन्होने कहा कि सामाजिक न्याय आरएसएस-भाजपा के निशाने पर है।

Priyanka Vadra Bids On Reservation Issue The Current Government Is Strangling The Janapaksadhar Laws :

इस मामले को लेकर प्रियंका ने ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होने कहा कि ‘आरएसएस का हौसला बढ़ा हुआ है, और मंसूबे खतरनाक हैं। जिस समय भाजपा सरकार एक-एक करके जनपक्षधर कानूनों का गला घोंट रही है, आरएसएस ने भी लगे हाथ आरक्षण पर बहस करने की बात उठा दी है।’

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि ‘बहस तो शब्दों का बहाना है मगर आरएसएस-भाजपा का असली निशाना सामाजिक न्याय है। लेकिन क्या आप ऐसा होने देंगे?’ बताते चलें कि संघ प्रमुख ने रविवार को कथित तौर पर कहा था कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सौहार्द्रपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए।

नई दिल्ली। आरक्षण पर सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा' से जुड़ी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी और बाद में उस पर संघ की सफाई की पृष्ठभूमि में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि मौजूदा सरकार में जनपक्षधर कानूनों का गला घोंटा जा रहा है। यहीं नहीं उन्होने कहा कि सामाजिक न्याय आरएसएस-भाजपा के निशाने पर है। इस मामले को लेकर प्रियंका ने ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होने कहा कि 'आरएसएस का हौसला बढ़ा हुआ है, और मंसूबे खतरनाक हैं। जिस समय भाजपा सरकार एक-एक करके जनपक्षधर कानूनों का गला घोंट रही है, आरएसएस ने भी लगे हाथ आरक्षण पर बहस करने की बात उठा दी है।' कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि 'बहस तो शब्दों का बहाना है मगर आरएसएस-भाजपा का असली निशाना सामाजिक न्याय है। लेकिन क्या आप ऐसा होने देंगे?' बताते चलें कि संघ प्रमुख ने रविवार को कथित तौर पर कहा था कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं उन लोगों के बीच इस पर सौहार्द्रपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए।