प्रो कबड्डी लीग: बेंगलुरू बुल्स ने बंगाल वॉरियर्स को दी पटखनी

नागपुर | अपने दूसरे घर में खेल रही बेंगलुरू बुल्स ने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के सीजन-5 में बुधवार को बंगाल वॉरियर्स को 31-25 से हरा दिया। यहां के मानकापुर स्टेडियम में खेले गए इस मैच के दूसरे हाफ में मेजबान टीम मेहमान पर भारी साबित हुए और सीजन की दूसरी जीत दर्ज की।

सीजन-5 में अब तक खेले गए पांच मैचों में से उसे दो में जीत और दो में हार मिली है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है। बेंगलुरू की जीत के हीरो, अजय कुमार रहे जिन्होंने दूसरे हाफ में अहम समय पर रेड से जरूरी अंक जुटाए और अपनी टीम को जीत की ओर अग्रसर किया। कप्तान रोहित कुमार ने छह अंक जुटाए।

बंगाल के लिए दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी जांग कुन ली ने सबसे ज्यादा आठ अंक लिए।

रोहित ने अपनी टीम की तरफ से पहली रेड डाली और बंगाल के दो बड़े खिलाड़ियों को आउट कर दो अंक लिए। बंगाल की टीम का अहम हिस्सा जांग कुन ली मैट से बाहर जा चुके थे। विनोद कुमार की रेड को असफल करते हुए बेंगलुरू ने स्कोर 3-0 कर लिया था, लेकिन मनिंदर सिंह ने सफल रेड मार बंगाल का खाता खोला और दो अंक दिलाए। मेजबान टीम के कप्तान रोहित आउट हो गए थे, लेकिन अगले ही पल अजय कुमार ने सफल रेड मारते हुए रोहित को वापस आने का मौका दिया।

बेंगलुरू 5-2 से आगे थी, लेकिन 10वें मिनट तक बंगाल ने 5-5 से बराबर कर ली थी और फिर 7-5 से आगे निकल गई। उसके पास बेंगलुरू को ऑल आउट करने का मौका था, लेकिन रोहित ने ऐसा नहीं होने दिया, बल्कि अपनी टीम को एक अंक दिलाकर लौटे और फिर जांग कुन ली को आउट कर बेंगलुरू ने 9-8 की बढ़त ले ली।

15वें मिनट में रोहित ‘डू ऑर डाई’ रेड में धरे गए और बंगाल ने 9-9 से बराबरी कर ली। बेंगलुरू ने अगले ही पल सुपर टैकल करते हुए एकबार फिर बढ़त ले ली, जिसे कायम रखते हुए वह हाफ टाइम में 12-10 के स्कोर के साथ गई।

दूसरे हाफ में हालांकि बंगाल ने जल्द ही बराबरी कर ली। इस बीच बेंगलुरू के कोच ने रवींद्र पहल की जगह हर्ष नाइक को उतारा और उन्होंने सफल रेड मारत हुए एकबार फिर मेजबान टीम को दो अंकों से आगे कर दिया। हालांकि उसकी यह बढ़त ज्यादा देर कायम नहीं रह पाई क्योंकि बंगाल ने बेंगलुरू को ऑल आउट कर 16-15 की बढ़त ले ली।

लेकिन अजय कुमार ने 36वें मिनट में सफल रेड मारते हुए स्कोर 20-16 कर दिया और फिर बेंगलुरू मेहमान टीम को ऑल आउट कर 24-19 से आगे निकल गई। यहां से मेजबान टीम पूरी तरह से बंगाल पर हावी हो गई थी। बंगाल दवाब में थी और उसके लिए इन अंकों के अंतर को पाटना मुश्किल साबित हुआ। आखिरी मिनट में बेंगलुरू ने सिर्फ समय निकाला और बिना जोखिम लए अपनी बढ़त को बनाए रखा और जीत हासिल की।