राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, ब्रिटेन की रैली में पहुंचे खालिस्तानी समर्थक

राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, ब्रिटेन की रैली में पहुंचे खालिस्तानी समर्थक
राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, ब्रिटेन की रैली में पहुंचे खालिस्तानी समर्थक

लंदन। खालिस्तानी समर्थकों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ब्रिटेन के आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम में आकर घुसपैठ की। हालांकि, पुलिस ने राहुल के पहुंचने से पहले ही इन लोगों को हटा दिया। इस दौरान खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। ऐसा बताया जा रहा है कि ये लोग राहुल के 1984 के सिख दंगों पर दिए बयान से नाराज थे। राहुल ने ब्रिटिश संसद में हुए एक कार्यक्रम में कहा था कि 1984 में निश्चित तौर पर हिंसा हुई थी, त्रासदी हुई थी। वह दर्दभरा अनुभव था। लेकिन अगर आप कहेंगे कि कांग्रेस उसमें शामिल थी, तो मैं इससे सहमत नहीं हूं।

Pro Khalistani Elements Enter The Venue In London Where Rahul Gandhi Is About To Speak To The Indian Diaspora :

इससे पहले लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को ‘बेहद दुखद त्रासदी’ बताया और कहा कि वह किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों को सजा देने का 100 फीसदी समर्थन करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षक द्वारा हत्या के बाद 1984 में हुए दंगों में करीब 3,000 सिख मारे गए थे। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।

जो खालिस्तान समर्थक कार्यक्रम में घुसने में कामयाब रहे, वे राहुल गांधी के भाषण के दौरान कार्यक्रम को बाधित करना चाहते थे। बताया जा रहा है कि वे लोग चुपचाप बैठे थे, तभी आयोजकों ने शिष्टतापूर्वक उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। जब उन्होंने जाने से मना कर दिया तो पुलिस को बुलाया गया। जिस समय कार्यक्रम में शुरुआती भाषण चल रहे थे, तभी कुछ पुलिसकर्मी वहां आए और उनकी टेबल के चारों तरफ खड़े हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मी चारों को कार्यक्रम से बाहर ले गए। पकड़ा गया पुरुष काले रंग की शर्ट और काले रंग की पगड़ी पहने हुआ था। उसने कार्यक्रम के बाहर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाना शुरू कर दिया। इस घटना के करीब 30 मिनट बाद राहुल गांधी वहां पहुंचे और लोगों के सामने अपनी बात रखी।

लंदन। खालिस्तानी समर्थकों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ब्रिटेन के आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम में आकर घुसपैठ की। हालांकि, पुलिस ने राहुल के पहुंचने से पहले ही इन लोगों को हटा दिया। इस दौरान खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। ऐसा बताया जा रहा है कि ये लोग राहुल के 1984 के सिख दंगों पर दिए बयान से नाराज थे। राहुल ने ब्रिटिश संसद में हुए एक कार्यक्रम में कहा था कि 1984 में निश्चित तौर पर हिंसा हुई थी, त्रासदी हुई थी। वह दर्दभरा अनुभव था। लेकिन अगर आप कहेंगे कि कांग्रेस उसमें शामिल थी, तो मैं इससे सहमत नहीं हूं।इससे पहले लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को 'बेहद दुखद त्रासदी' बताया और कहा कि वह किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों को सजा देने का 100 फीसदी समर्थन करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षक द्वारा हत्या के बाद 1984 में हुए दंगों में करीब 3,000 सिख मारे गए थे। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।जो खालिस्तान समर्थक कार्यक्रम में घुसने में कामयाब रहे, वे राहुल गांधी के भाषण के दौरान कार्यक्रम को बाधित करना चाहते थे। बताया जा रहा है कि वे लोग चुपचाप बैठे थे, तभी आयोजकों ने शिष्टतापूर्वक उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। जब उन्होंने जाने से मना कर दिया तो पुलिस को बुलाया गया। जिस समय कार्यक्रम में शुरुआती भाषण चल रहे थे, तभी कुछ पुलिसकर्मी वहां आए और उनकी टेबल के चारों तरफ खड़े हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मी चारों को कार्यक्रम से बाहर ले गए। पकड़ा गया पुरुष काले रंग की शर्ट और काले रंग की पगड़ी पहने हुआ था। उसने कार्यक्रम के बाहर 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाना शुरू कर दिया। इस घटना के करीब 30 मिनट बाद राहुल गांधी वहां पहुंचे और लोगों के सामने अपनी बात रखी।