राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव, केरल और पंजाब पहले ही कर चुके हैं ये काम

Ashok Gehlot
राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव, केरल और पंजाब पहले ही कर चुके हैं ये काम

नई दिल्ली। राजस्थान सरकार ने शनिवार को विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया है। केरल और पंजाब के बाद राजस्थान अब तीसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। विधानसभाएं इन प्रस्तावों को पारित करके संविधान द्वारा दी गई स्वायत्तता से परे जा रही हैं। यह देश को विभाजित करने के लिए एक साजिश है।

Proposal Against Caa Passed In Rajasthan Legislative Assembly Kerala And Punjab Have Already Done This Work :

बता दें कि राजस्थान में शुक्रवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ है। सत्र के दूसरे दिन ही सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया गया। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी पहले ही दे दी थी। आज शनिवार को इस प्रस्ताव के पास होने से पहले विधानसभा में चर्चा हुई थी, जिसमें भाजपा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन शनिवार को जब सदन में प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने जोरदार तरीके से इसका विरोध किया। भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया।

विधानसभा में बहस के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि जब संसद ने नागरिकता संशोधन कानून पारित कर दिया तो फिर आप इसे लागू क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह कानून तो आपको लागू करना ही पड़ेगा। दुनिया की कोई ताकत इसे नहीं रोक सकती है। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में भाजपा लोगों के बीच जागरुकता अभियान चला रही है। केंद्र सरकार के मंत्री शहरों में रैली कर इस कानून को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से लोगों को जागरुक कर रहें हैं।

नई दिल्ली। राजस्थान सरकार ने शनिवार को विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया है। केरल और पंजाब के बाद राजस्थान अब तीसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। विधानसभाएं इन प्रस्तावों को पारित करके संविधान द्वारा दी गई स्वायत्तता से परे जा रही हैं। यह देश को विभाजित करने के लिए एक साजिश है। बता दें कि राजस्थान में शुक्रवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ है। सत्र के दूसरे दिन ही सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया गया। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी पहले ही दे दी थी। आज शनिवार को इस प्रस्ताव के पास होने से पहले विधानसभा में चर्चा हुई थी, जिसमें भाजपा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन शनिवार को जब सदन में प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने जोरदार तरीके से इसका विरोध किया। भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया। विधानसभा में बहस के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि जब संसद ने नागरिकता संशोधन कानून पारित कर दिया तो फिर आप इसे लागू क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह कानून तो आपको लागू करना ही पड़ेगा। दुनिया की कोई ताकत इसे नहीं रोक सकती है। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में भाजपा लोगों के बीच जागरुकता अभियान चला रही है। केंद्र सरकार के मंत्री शहरों में रैली कर इस कानून को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से लोगों को जागरुक कर रहें हैं।