कभी साइकिल का पंचर बनाते थे प्रोटेम स्पीकर डॉ वीरेंद्र कुमार, जानिए उनके बारे में

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नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के लिए भाजपा सांसद डॉक्टर वीरेंद्र कुमार को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। वह नवनिर्वाचित सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। आज उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सांसद के रूप में लोकसभा सदस्य पद की शपथ दिलाई।

Protem Spekar In Parliament Know About Member Of Lok Sabha Virendra Kuma :

वह सात बार सांसद बन चुके हैं। वह चार बार टीकमगढ़ लोकसभा और तीन बार सागर सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वह टीकमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अहिरवार किरण को करीब 3ण्48 लाख वोटों से हराया है।वीरेंद्र कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के सागर शहर में 27 फरवरी 1954 को हुआ था। पहली बार 1996 में सागर संसदीय सीट से वह सांसद चुने गए थे।

उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए और बाल श्रम संबंधी विषय पर पीएचडी की है। वह कई सालों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी रहे हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषदए विश्व हिंदू परिषद सहित भाजपा में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें मंत्रिनमंडल में शामिल किया गया था। वीरेंद्र कुमार बचपन में परिवार का भरण.पोषण करने के लिए अपने पिता के साथ साइकिल की दुकान पर पंचर बनाया करते थे। इसके साथ ही वह पढ़ाई भी करते रहते थे। ऐसा कहा जाता है कि अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान जब उन्हें कोई पंचर सुधारता हुआ मिलता है तो वह उसके पास पहुंच जाते हैं। कई बार उनकी मदद कर देते हैं तो कभी पंचर सुधारने के टिप्स भी दे देते हैं।

नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के लिए भाजपा सांसद डॉक्टर वीरेंद्र कुमार को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। वह नवनिर्वाचित सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। आज उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सांसद के रूप में लोकसभा सदस्य पद की शपथ दिलाई। वह सात बार सांसद बन चुके हैं। वह चार बार टीकमगढ़ लोकसभा और तीन बार सागर सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वह टीकमगढ़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अहिरवार किरण को करीब 3ण्48 लाख वोटों से हराया है।वीरेंद्र कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के सागर शहर में 27 फरवरी 1954 को हुआ था। पहली बार 1996 में सागर संसदीय सीट से वह सांसद चुने गए थे। उन्होंने अर्थशास्त्र में एमए और बाल श्रम संबंधी विषय पर पीएचडी की है। वह कई सालों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी रहे हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषदए विश्व हिंदू परिषद सहित भाजपा में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें मंत्रिनमंडल में शामिल किया गया था। वीरेंद्र कुमार बचपन में परिवार का भरण.पोषण करने के लिए अपने पिता के साथ साइकिल की दुकान पर पंचर बनाया करते थे। इसके साथ ही वह पढ़ाई भी करते रहते थे। ऐसा कहा जाता है कि अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान जब उन्हें कोई पंचर सुधारता हुआ मिलता है तो वह उसके पास पहुंच जाते हैं। कई बार उनकी मदद कर देते हैं तो कभी पंचर सुधारने के टिप्स भी दे देते हैं।