मुंबई : सातवें वेतन आयोग के लिए हड़ताल पर गए 17 लाख कर्मचारी

protest in maharastra
मुंबई : सातवें वेतन आयोग के लिए हड़ताल पर गए 17 लाख कर्मचारी

महाराष्ट्र। महाराष्ट्र सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू न करने से नाराज होकर प्रदेश के करीब 17 लाख कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। बताया जा रहा है कि ये हड़ताल तीन दिवसीय है, जिसकी शुरुआत आज से हुई। नाराज कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वो उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो और ​बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

Protest By 17 Lacs Government Emplyee For Seventh Pay Commision In Maharastra :

महाराष्ट्र राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संगठन के महासचिव अविनाश दौंद ने बताया कि इस हड़ताल व थ्री और फोर्थ क्लास कर्मचारियों के शामिल हो जाने से प्रदेश में सरकारी अस्पतालों के साथ कई सरकारी विभागों की जरूरी सेवाएं बाधित हो रही है। उनका कहना है कि उनके द्वारा काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार सिर्फ उन्हे आश्वासन ही दे रही थी।

प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठन के अध्यक्ष मिलिंद सरदेशमुख ने कहा कि जिला परिषदों, शिक्षकों और सरकारी निगमों सहित विभिन्न विभागों के करीब 17 लाख सरकारी कर्मचारी इस हड़ताल में भाग ले रहे है। उनके मुताबिक छठा वेतन आयोग लागू होने के बाद सरकार ने आज तक कर्मचारियों के बकाए का भुगतान नही किया है।

नाराज लोगों का कहना है कि प्रदेश में तीसरे एवं चौथी श्रेणी के कर्मचारियों के करीब पौने लाख पद खाली पड़े हैं। इसक अलावा करीब तीस हजार म्रतक आश्रितों के मामले भी लंबित पड़े है। जिनके बारे में सरकार द्वारा कोई प्रभावी कदम नही उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवा विभागों में कुल पदों का करीब 30 से 40 प्रतिशत पद खाली है।

महाराष्ट्र। महाराष्ट्र सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू न करने से नाराज होकर प्रदेश के करीब 17 लाख कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। बताया जा रहा है कि ये हड़ताल तीन दिवसीय है, जिसकी शुरुआत आज से हुई। नाराज कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वो उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो और ​बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।महाराष्ट्र राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संगठन के महासचिव अविनाश दौंद ने बताया कि इस हड़ताल व थ्री और फोर्थ क्लास कर्मचारियों के शामिल हो जाने से प्रदेश में सरकारी अस्पतालों के साथ कई सरकारी विभागों की जरूरी सेवाएं बाधित हो रही है। उनका कहना है कि उनके द्वारा काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी, लेकिन प्रदेश सरकार सिर्फ उन्हे आश्वासन ही दे रही थी।प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठन के अध्यक्ष मिलिंद सरदेशमुख ने कहा कि जिला परिषदों, शिक्षकों और सरकारी निगमों सहित विभिन्न विभागों के करीब 17 लाख सरकारी कर्मचारी इस हड़ताल में भाग ले रहे है। उनके मुताबिक छठा वेतन आयोग लागू होने के बाद सरकार ने आज तक कर्मचारियों के बकाए का भुगतान नही किया है।नाराज लोगों का कहना है कि प्रदेश में तीसरे एवं चौथी श्रेणी के कर्मचारियों के करीब पौने लाख पद खाली पड़े हैं। इसक अलावा करीब तीस हजार म्रतक आश्रितों के मामले भी लंबित पड़े है। जिनके बारे में सरकार द्वारा कोई प्रभावी कदम नही उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवा विभागों में कुल पदों का करीब 30 से 40 प्रतिशत पद खाली है।