सावधान : पब्लिक टॉयलेट का करतें हैं इस्तेमाल, तो हो सकता है कोरोना का खतरा… रखें इन बातों का ध्यान

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कोरोना वायरस ने भारत मे ही नहीं बल्कि और भी पूरी दुनिया मे तबाही मचा राखी है। लेकिन ये बात भी सच है कि इसका बचाव ही इसका इलाज है अब तक इस वायरस का कोई इलाज हमारे वैज्ञानिक कोई भी पता नहीं लगा पाये है।

Public Toilet Is Used So There May Be A Danger Of Corona :

दरअसल हम ये बात इस लिए भी बोल रहें हैं ताकी आप खुद को इस वायरस से बचा सकें। आपको बता दें, मॉल, पार्क्स या रेस्टोरेंट्स में मौजूद बाथरूम उपयोग करने से भी कोरोना का खतरा बन सकता है।

आमतौर पर माना जा रहा है कि दूषित सतह के संपर्क में आना कोरोना वायरस फैलने का मुख्य जरिया नहीं है। हालांकि अभी इस मामले पर स्टडी पूरी नहीं हुई है। बाथरूम शेयर करना गेस्ट्रोइंटेस्टिनल इंफेक्शन के फैलने को बढ़ा सकता है।

बाहर बाथरूम जाने से बचें

हम अभी यह नहीं जानते कि कोरोना वायरस जैसे सांस के जरिए फैलने वाले वायरस में बाथरूम क्या भूमिका निभाते हैं। अभी तक यह भी साफ नहीं है कि टॉयेलट प्लूम में मौजूद कोरोना वायरस एयरोसोल्स से कितना खतरा है।

ऐसे में कोशिश करे कि बाथरूम की जरूरत ही न आने दें। महिलाएं अपने पेल्विक फ्लोर मसल को जल्दी-जल्दी पांच बार दबा सकती हैं। इसे क्विक फ्लिक्स कहा जाता है। इससे आपके ब्लेडर को आराम मिलेगा और बाथरूम जाने की जरूरत कुछ कम होगी। बाहर बाथरूम जाना आखिरी रास्ता हो सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • पेपर से टॉयलेट का सीट कवर न बनाएं। क्योंकि यह आसानी से टॉयलेट प्लूम से दूषित हो जाते हैं। ऐसे में हाथ से इन्हें छूना संक्रमण फैलाने का कारण हो सकता है।
  • बाथरूम में संक्रमण से बचने का सबसे बढ़िया तरीका मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सतह को कम से कम छूना है।
  • बड़े बाथरूम में जानें की कोशिश करें, क्योंकि यहा एयर सर्कुलेशन अच्छा होता है।
  • बाथरूम में कम से कम वक्त बिताएं। अगर आपको बाहर जाने के लिए गेट खोलना पड़ रहा है तो बाद में हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • अगर कोई आपके सामने आपसे पहले बाथरूम में है, तो अंदर जाने से पहले कम से कम 60 सेकंड का इंतजार करें।
  • अगर टॉयलेट में लिड है तो फ्लश से पहले इसे बंद कर दें। इससे प्लूम अंदर ही ट्रैप हो जाएगी।
  • अगर टॉयलेट में फ्लश ऑटोमैटिक है, तो स्प्रे से बचने के लिए कुछ कदम पीछे हो जाएं।
  • आप हाथ धोने के बाद उन्हें कैसे साफ करते हैं इससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन रीयूज टॉवेल के उपयोग से बचें।
कोरोना वायरस ने भारत मे ही नहीं बल्कि और भी पूरी दुनिया मे तबाही मचा राखी है। लेकिन ये बात भी सच है कि इसका बचाव ही इसका इलाज है अब तक इस वायरस का कोई इलाज हमारे वैज्ञानिक कोई भी पता नहीं लगा पाये है। दरअसल हम ये बात इस लिए भी बोल रहें हैं ताकी आप खुद को इस वायरस से बचा सकें। आपको बता दें, मॉल, पार्क्स या रेस्टोरेंट्स में मौजूद बाथरूम उपयोग करने से भी कोरोना का खतरा बन सकता है। आमतौर पर माना जा रहा है कि दूषित सतह के संपर्क में आना कोरोना वायरस फैलने का मुख्य जरिया नहीं है। हालांकि अभी इस मामले पर स्टडी पूरी नहीं हुई है। बाथरूम शेयर करना गेस्ट्रोइंटेस्टिनल इंफेक्शन के फैलने को बढ़ा सकता है।

बाहर बाथरूम जाने से बचें

हम अभी यह नहीं जानते कि कोरोना वायरस जैसे सांस के जरिए फैलने वाले वायरस में बाथरूम क्या भूमिका निभाते हैं। अभी तक यह भी साफ नहीं है कि टॉयेलट प्लूम में मौजूद कोरोना वायरस एयरोसोल्स से कितना खतरा है। ऐसे में कोशिश करे कि बाथरूम की जरूरत ही न आने दें। महिलाएं अपने पेल्विक फ्लोर मसल को जल्दी-जल्दी पांच बार दबा सकती हैं। इसे क्विक फ्लिक्स कहा जाता है। इससे आपके ब्लेडर को आराम मिलेगा और बाथरूम जाने की जरूरत कुछ कम होगी। बाहर बाथरूम जाना आखिरी रास्ता हो सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • पेपर से टॉयलेट का सीट कवर न बनाएं। क्योंकि यह आसानी से टॉयलेट प्लूम से दूषित हो जाते हैं। ऐसे में हाथ से इन्हें छूना संक्रमण फैलाने का कारण हो सकता है।
  • बाथरूम में संक्रमण से बचने का सबसे बढ़िया तरीका मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सतह को कम से कम छूना है।
  • बड़े बाथरूम में जानें की कोशिश करें, क्योंकि यहा एयर सर्कुलेशन अच्छा होता है।
  • बाथरूम में कम से कम वक्त बिताएं। अगर आपको बाहर जाने के लिए गेट खोलना पड़ रहा है तो बाद में हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • अगर कोई आपके सामने आपसे पहले बाथरूम में है, तो अंदर जाने से पहले कम से कम 60 सेकंड का इंतजार करें।
  • अगर टॉयलेट में लिड है तो फ्लश से पहले इसे बंद कर दें। इससे प्लूम अंदर ही ट्रैप हो जाएगी।
  • अगर टॉयलेट में फ्लश ऑटोमैटिक है, तो स्प्रे से बचने के लिए कुछ कदम पीछे हो जाएं।
  • आप हाथ धोने के बाद उन्हें कैसे साफ करते हैं इससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन रीयूज टॉवेल के उपयोग से बचें।