100 घंटे के भीतर ही जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष नेतृत्व का घाटी से सफाया कर दिया: सेना

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100 घंटे के भीतर ही जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष नेतृत्व का घाटी से सफाया कर दिया: सेना

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने मंगलवार को मीडिया के माध्यम से कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के 100 घंटे के भीतर ही जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के शीर्ष नेतृत्व का कश्मीर घाटी से सफाया कर दिया गया। इसके साथ ही सेना की ओर से वॉर्निंग दी गई है कि जो भी घाटी में बंदूक उठाएगा उसे ढेर कर दिया जाएगा।

Pulwama Terror Attack Indian Army Avenge Jaish E Mohammed Commanders Now Dead Jammu Kashmir :

राज्य पुलिस व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेना के 15 कॉर्प्स के बदामीबाग छावनी मुख्यालय में चिनार कार्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों ने कहा, “पुलवामा में आतंकवादी हमले के 100 घंटे से भी कम समय में हमने पाकिस्तानी सेना व आईएसआई से सीधे तौर पर संचालित किए जा रहे जेईएम के शीर्ष नेतृत्व का सफाया कर दिया है।”

ढिल्लों ने कहा, “हम 14 फरवरी से जेईएम के शीर्ष कैडर की ट्रैकिंग कर रहे थे। पुलवामा आतंकवादी हमला पाकिस्तान में जेईएम कैडर व पाकिस्तान सेना द्वारा संचालित किया गया।” पुलवामा जिले में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पिंगलेना गांव में आतंकवादियों के एक ठिकाने को घेर लिया, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई, जो रविवार की रात भर चली और रुक-रुक कर सोमवार की शाम तक चली।

इसमें पाकिस्तान समर्थित जेईएम के तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। इसमें से दो पाकिस्तानी नागरिक थे, जिनकी पहचान कामरान व अब्दुल राशिद उर्फ गाजी उमर के रूप में हुई है। आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक मेजर, तीन जवान शहीद हो गए व एक नागरिक भी मारा गया।

उन्होंने कहा, “आप सभी जानते हैं कि अभियान के शुरू होने के दौरान एक नागरिक के मरने के अलावा, सुरक्षा बलों ने सुनिश्चित किया कि इस तरह के लंबे अभियान के दौरान कोई नागरिक हताहत नहीं हो।” उन्होंने कहा, “सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी हमेशा सामने से अभियान की अगुवाई करते हैं। ब्रिगेडियर हरबीर सिंह के साथ पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) (दक्षिण कश्मीर) अमित कुमार सोमवार को घायल हो गए। अमित कुमार सोमवार को छुट्टी पर थे।”

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने मंगलवार को मीडिया के माध्यम से कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के 100 घंटे के भीतर ही जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के शीर्ष नेतृत्व का कश्मीर घाटी से सफाया कर दिया गया। इसके साथ ही सेना की ओर से वॉर्निंग दी गई है कि जो भी घाटी में बंदूक उठाएगा उसे ढेर कर दिया जाएगा।राज्य पुलिस व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेना के 15 कॉर्प्स के बदामीबाग छावनी मुख्यालय में चिनार कार्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों ने कहा, "पुलवामा में आतंकवादी हमले के 100 घंटे से भी कम समय में हमने पाकिस्तानी सेना व आईएसआई से सीधे तौर पर संचालित किए जा रहे जेईएम के शीर्ष नेतृत्व का सफाया कर दिया है।"ढिल्लों ने कहा, "हम 14 फरवरी से जेईएम के शीर्ष कैडर की ट्रैकिंग कर रहे थे। पुलवामा आतंकवादी हमला पाकिस्तान में जेईएम कैडर व पाकिस्तान सेना द्वारा संचालित किया गया।" पुलवामा जिले में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पिंगलेना गांव में आतंकवादियों के एक ठिकाने को घेर लिया, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई, जो रविवार की रात भर चली और रुक-रुक कर सोमवार की शाम तक चली।इसमें पाकिस्तान समर्थित जेईएम के तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। इसमें से दो पाकिस्तानी नागरिक थे, जिनकी पहचान कामरान व अब्दुल राशिद उर्फ गाजी उमर के रूप में हुई है। आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक मेजर, तीन जवान शहीद हो गए व एक नागरिक भी मारा गया।उन्होंने कहा, "आप सभी जानते हैं कि अभियान के शुरू होने के दौरान एक नागरिक के मरने के अलावा, सुरक्षा बलों ने सुनिश्चित किया कि इस तरह के लंबे अभियान के दौरान कोई नागरिक हताहत नहीं हो।" उन्होंने कहा, "सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी हमेशा सामने से अभियान की अगुवाई करते हैं। ब्रिगेडियर हरबीर सिंह के साथ पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) (दक्षिण कश्मीर) अमित कुमार सोमवार को घायल हो गए। अमित कुमार सोमवार को छुट्टी पर थे।"