रहने के मामले में पुणे है देश का नंबर-1 शहर, दिल्‍ली टॉप-50 में भी नहीं

रहने के मामले में पुणे है देश का नंबर-1 शहर, दिल्‍ली टॉप-50 में भी नहीं
रहने के मामले में पुणे है देश का नंबर-1 शहर, दिल्‍ली टॉप-50 में भी नहीं

नई दिल्ली। देश के रहने लायक शहरों से जुड़े ‘लिवेबिलिटी इंडेक्स’ में पुणे पहले नंबर पर है। नवी मुंबई दूसरे और ग्रेटर मुंबई तीसरे स्थान पर है। इस मामले में नई दिल्ली का 65वां स्थान है। केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी जीवन सुगमता सूचकांक (लिवेबिलिटी इंडेक्स) में नवी मुंबई और ग्रेटर मुंबई क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे। रहने लायक टॉप 10 शहरों में महाराष्ट्र के तीन शहर शामिल हैं जबकि बड़े शहरों के मामले में अव्वल उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु का कोई भी शहर टॉप 10 में जगह नहीं बना सका।

Pune Gets First Spot In Ease Of Living Index Delhi Languishes At 65th :

रहने के मामले में पुणे है देश का नंबर-1 शहर,  दिल्‍ली टॉप-50 में भी नहीं
रहने के मामले में पुणे है देश का नंबर-1 शहर, दिल्‍ली टॉप-50 में भी नहीं

पुरी ने कहा कि जीवन सुगमता सूचकांक चार मानदंडों-शासन, सामाजिक संस्थाओं, आर्थिक एवं भौतिक अवसंरचना श्रेणियों में कुल 20 मानकों पर आधारित है। सूचकांक के अन्य मानकों प्रशासनिक सहूलियतें, आधारभूत ढांचागत सुविधायें, सामाजिक एवं आर्थिक सुविधाओं के मामले में भी नयी दिल्ली शीर्ष दस शहरों की सूची में जगह नहीं बना पाई है।

पीएम का संसदीय क्षेत्र वाराणसी 33 वें नंबर

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी शहर सूचकांक में 33वें स्थान पर है. इसमें वाराणसी का सर्वेक्षण के अन्य मानकों में सर्वक्षेष्ठ प्रदर्शन ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में (चौथा स्थान) रहा। जबकि, सुरक्षा के मामले में सबसे बदतर प्रदर्शन (103वां स्थान) रहा। वाराणसी शिक्षा के मामले में 100वें स्थान पर, प्रशासनिक सुविधाओं के मामले में 46वें, पहचान एवं संस्कृति के मामले में 34वें, स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में 50वें और अर्थ एवं रोजगार के मामले में 48वें स्थान पर रहा।

संस्थागत सुविधाओं के मामले में शीर्ष दस शहरों की सूची में नवीं मुंबई, तिरुपति, करीम नगर, हैदराबाद, बिलासपुर, कोच्चि, अहमदाबाद, पुणे, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम शामिल हैं।

नई दिल्ली। देश के रहने लायक शहरों से जुड़े 'लिवेबिलिटी इंडेक्स' में पुणे पहले नंबर पर है। नवी मुंबई दूसरे और ग्रेटर मुंबई तीसरे स्थान पर है। इस मामले में नई दिल्ली का 65वां स्थान है। केंद्रीय शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी जीवन सुगमता सूचकांक (लिवेबिलिटी इंडेक्स) में नवी मुंबई और ग्रेटर मुंबई क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे। रहने लायक टॉप 10 शहरों में महाराष्ट्र के तीन शहर शामिल हैं जबकि बड़े शहरों के मामले में अव्वल उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु का कोई भी शहर टॉप 10 में जगह नहीं बना सका। [caption id="attachment_298671" align="aligncenter" width="703"]रहने के मामले में पुणे है देश का नंबर-1 शहर,  दिल्‍ली टॉप-50 में भी नहीं रहने के मामले में पुणे है देश का नंबर-1 शहर, दिल्‍ली टॉप-50 में भी नहीं[/caption] पुरी ने कहा कि जीवन सुगमता सूचकांक चार मानदंडों-शासन, सामाजिक संस्थाओं, आर्थिक एवं भौतिक अवसंरचना श्रेणियों में कुल 20 मानकों पर आधारित है। सूचकांक के अन्य मानकों प्रशासनिक सहूलियतें, आधारभूत ढांचागत सुविधायें, सामाजिक एवं आर्थिक सुविधाओं के मामले में भी नयी दिल्ली शीर्ष दस शहरों की सूची में जगह नहीं बना पाई है।

पीएम का संसदीय क्षेत्र वाराणसी 33 वें नंबर

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी शहर सूचकांक में 33वें स्थान पर है. इसमें वाराणसी का सर्वेक्षण के अन्य मानकों में सर्वक्षेष्ठ प्रदर्शन ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में (चौथा स्थान) रहा। जबकि, सुरक्षा के मामले में सबसे बदतर प्रदर्शन (103वां स्थान) रहा। वाराणसी शिक्षा के मामले में 100वें स्थान पर, प्रशासनिक सुविधाओं के मामले में 46वें, पहचान एवं संस्कृति के मामले में 34वें, स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में 50वें और अर्थ एवं रोजगार के मामले में 48वें स्थान पर रहा। संस्थागत सुविधाओं के मामले में शीर्ष दस शहरों की सूची में नवीं मुंबई, तिरुपति, करीम नगर, हैदराबाद, बिलासपुर, कोच्चि, अहमदाबाद, पुणे, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम शामिल हैं।